Lord Shiva : शिव भक्ति का प्रतीक त्रिपुंड इसे धारण करने से मिलेंगे शुभ लाभ

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Newsindia live,Digital Desk:  Lord Shiva : भगवान शिव के भक्त अपनी पहचान त्रिपुंड लगाकर प्रकट करते हैं यह माथे पर तीन रेखाओं वाला पवित्र चिन्ह है यह चिन्ह अनेक महत्वपूर्ण अर्थों को समेटे है इसके प्रत्येक खंड में शिव अग्नि और चंद्रमा का वास है तथा इसे ब्रह्मा विष्णु और महेश की त्रिमूर्ति का प्रतीक माना जाता है शक्ति के संदर्भ में यह महादेव महाकाली और महासरस्वती का प्रतीक भी है मानव जीवन की अवस्थाओं यानी जागृति स्वप्न और सुसुप्ति की भी यह तीन अवस्थाएँ बताता है

सबसे पहले पवित्र जल को भस्म या चंदन में मिलाएँ अब अपनी मध्यमा अंगुली से अनामिका के सहारे अपने माथे के मध्य भाग से ललाट तक एक सीधी रेखा बनाएँ इसके ऊपर ठीक दो और समानांतर रेखाएँ बनाएँ यह त्रिपुंड लगाने का सही तरीका है इसे मस्तक के मध्य भाग से ही शुरू करें।

मान्यता है कि त्रिपुंड लगाने से मन शांत रहता है एकाग्रता बढ़ती है यह नकारात्मक शक्तियों से बचाता है और मोक्ष की ओर अग्रसर करता है इसे ज्ञान वैराग्य और पवित्रता का भी प्रतीक माना जाता है इसे लगाते समय ॐ नमः शिवाय या श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करें। त्रिपुंड धारण करना शिव भक्तों के लिए विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है यह केवल एक चिन्ह नहीं बल्कि आस्था और भक्ति का प्रतीक है।

 

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