देश में फिर लगेगा लॉकडाउन? ईरान-इजरायल युद्ध के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ की तस्वीर, अफवाहों पर दिया बयान
News India Live, Digital Desk: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से देश में दोबारा लॉकडाउन लगाए जाने की खबरों ने आम जनता की धड़कनों को बढ़ा दिया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर गहराते संकट को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे थे कि भारत सरकार एहतियातन कोई सख्त कदम उठा सकती है। इन तमाम चर्चाओं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच अब केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने देश में लॉकडाउन की संभावनाओं पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
क्या फिर थमेगी देश की रफ्तार? मंत्री ने दिया सीधा जवाब
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक आधिकारिक बयान में उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें भारत में दोबारा लॉकडाउन लगाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। पुरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर बनाए रखना और विकास की गति को जारी रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे निराधार अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी संदेशों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें।
ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर और तेल की कीमतें
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को लेकर जब मंत्री से सवाल पूछा गया कि क्या इससे भारत में तेल की सप्लाई या कीमतों पर कोई बड़ा असर पड़ेगा, तो उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखी जा रही है और भारत के पास पर्याप्त भंडार और विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध जैसी स्थितियों का असर वैश्विक होता है, लेकिन भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
सोशल मीडिया पर फैल रही 'फेक न्यूज' से रहें सावधान
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से व्हाट्सएप और फेसबुक पर कुछ पुराने वीडियो और क्लिप्स को एडिट करके फैलाया जा रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि युद्ध के चलते सप्लाई चेन प्रभावित होने वाली है और देश में लॉकडाउन लग सकता है। हरदीप सिंह पुरी के इस स्पष्टीकरण के बाद उन सभी दावों पर विराम लग गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नागरिक पैनिक न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।