पंजाब कांग्रेस के भीष्म पितामह का निधन पूर्व वित्त मंत्री सरदार लाल सिंह ने ली अंतिम सांस, 5 बार राजनीति के धुरी रहे
News India Live, Digital Desk: पंजाब की राजनीति का एक चमकता सितारा आज (शनिवार, 28 मार्च 2026) हमेशा के लिए अस्त हो गया। राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के पूर्व अध्यक्ष सरदार लाल सिंह का चंडीगढ़ के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पंजाब के सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पटियाला के 'दकाला' से दिल्ली के गलियारों तक का सफर
पटियाला जिले के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे सरदार लाल सिंह ने अपनी मेहनत और जमीन से जुड़ाव के दम पर राजनीति में ऊंचा मुकाम हासिल किया:
राजनीतिक शुरुआत: उन्होंने पहली बार 1977 में पटियाला के दकाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता।
5 बार के विधायक: वे 1977, 1980, 1992, 2002 और 2007 में दकाला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधानसभा पहुंचे। बाद में परिसीमन के बाद उन्होंने सनौर (Sanour) से भी जीत दर्ज की।
संकटमोचक की भूमिका: पंजाब कांग्रेस में उन्हें 'ट्रबलशूटर' माना जाता था। वे कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी रहे और सरकार व संगठन के बीच सेतु का काम करते थे।
महत्वपूर्ण पदों पर रहे (Political Portfolio)
वित्त मंत्री: पंजाब के खजाने की कमान संभालते हुए उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को कठिन समय में संभाला।
PPCC अध्यक्ष: कांग्रेस संगठन को मजबूती देने के लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में लंबी पारी खेली।
मंडी बोर्ड के चेयरमैन: किसानों के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें पंजाब मंडी बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया था।
सादगी और अनुभव की प्रतिमूर्ति
सरदार लाल सिंह अपनी सादगी और अनुभव के लिए जाने जाते थे। विपक्षी दलों के नेता भी उनकी सलाह का सम्मान करते थे। उनके बेटे राजिंदर सिंह (पूर्व विधायक, समाना) ने उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
प्रमुख नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरदार लाल सिंह का जाना पंजाब के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हमने अपना मार्गदर्शक खो दिया है। पंजाब कांग्रेस में उनकी जगह को कभी भरा नहीं जा सकेगा।”