लोन चाहिए, पर सिबिल स्कोर खराब है? चिंता छोड़िए! वित्त मंत्रालय ने दिया सबसे बड़ा और राहत भरा बयान

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"आपका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं है, इसलिए लोन नहीं मिल सकता।" - यह एक ऐसी लाइन है जो लाखों भारतीयों के अपने घर, अपनी कार या अपना बिजनेस शुरू करने के सपने को तोड़ देती है। क्रेडिट या सिबिल स्कोर, जिसे हम CIBIL स्कोर के नाम से जानते हैं, पिछले कुछ सालों में लोन लेने के लिए सबसे बड़ी और कभी-कभी इकलौती शर्त जैसा बन गया था।

लेकिन अब, उन सभी लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत की सांस देने वाली खबर सीधे वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) से आई है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि लोन देने के लिए कोई न्यूनतम सिबिल स्कोर (Minimum CIBIL Score) अनिवार्य नहीं है।

क्या है सरकार का यह बड़ा ऐलान?

वित्त मंत्रालय ने संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने बैंकों को ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है जिसमें किसी न्यूनतम सिबिल स्कोर को लोन मंजूरी के लिए एक अनिवार्य शर्त बनाया गया हो।

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपका सिबिल स्कोर कम (जैसे 750 से नीचे) है, तो भी बैंक सिर्फ इस एक कारण के आधार पर आपके लोन आवेदन को अस्वीकार (Reject) नहीं कर सकते हैं।

तो फिर बैंक लोन कैसे देंगे?

मंत्रालय ने कहा है कि लोन देना या न देना, यह पूरी तरह से बैंकों का अपना वाणिज्यिक निर्णय (Commercial Decision) है। लेकिन, उन्हें सिर्फ एक स्कोर पर निर्भर रहने के बजाय, आवेदक की पूरी वित्तीय स्थिति का आकलन करना चाहिए। बैंकों को लोन देने से पहले इन चीजों पर ध्यान देना चाहिए:

  • पैसा चुकाने की क्षमता (Repayment Capacity): क्या आवेदक की आय इतनी है कि वह समय पर EMI चुका सकता है?
  • आय का स्रोत (Source of Income): क्या उसकी नौकरी या बिजनेस स्थिर है?
  • पुराना रिकॉर्ड: उसने अपने पिछले लोन्स को कैसे चुकाया है?

सरकार का मानना है कि हर बैंक का अपना एक क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम होता है, और उन्हें उसी के अनुसार फैसला लेना चाहिए। सिर्फ एक तीन अंकों का स्कोर किसी व्यक्ति की लोन चुकाने की नीयत या क्षमता का एकमात्र पैमाना नहीं हो सकता।

आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?

यह खबर उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जिनका सिबिल स्कोर किसी छोटी सी गलती, किसी मेडिकल इमरजेंसी में EMI चूकने, या पहली बार लोन लेने (जिससे स्कोर बन नहीं पाता) की वजह से खराब हो गया था।

  • अब आप कम सिबिल स्कोर के बावजूद आत्मविश्वास के साथ लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • बैंक अब आपको अपनी बात रखने और अपनी वित्तीय स्थिति को समझाने का एक बेहतर मौका देंगे।
  • यह फैसला वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ेगा।

हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि अब आपको एक अच्छा सिबिल स्कोर बनाए रखने की जरूरत नहीं है। एक अच्छा स्कोर आपको हमेशा बेहतर ब्याज दरों पर और आसानी से लोन दिलाने में मदद करेगा। लेकिन, अब यह आपके सपनों के बीच में एक दीवार बनकर खड़ा नहीं हो पाएगा।