Living Past 90 : अगर बुढ़ापे में किसी के सहारे नहीं रहना चाहते, तो जवानी में ही गांठ बांध लें ये 5 नियम
News India Live, Digital Desk : हम सब चाहते हैं कि हम लंबी उम्र जिएं। अपने पोते-पोतियों की शादियां देखें, रिटायरमेंट के बाद दुनिया घूमें। लेकिन आज के समय में, जब 40 की उम्र में ही कमर दर्द और 50 में बीपी की गोलियां शुरू हो जाती हैं, तो 90 या 100 साल जीने का सपना थोड़ा धुंधला लगने लगता है।
अक्सर हम सोचते हैं कि लंबी उम्र (Long Life) तो किस्मत या "जींस" (Genetics) की बात है। अगर दादा जी 90 साल जिए थे, तो हम भी जियेंगे। लेकिन विज्ञान कहता है कि जींस का रोल सिर्फ 20-30% होता है। बाकी का 70%? वो पूरी तरह 'आपके' हाथ में है। जी हाँ, दुनिया में कुछ ऐसे इलाक़े हैं (जिन्हें 'Blue Zones' कहते हैं), जहां लोग बहुत आसानी से 90-100 साल तक जीते हैं।
उनका सीक्रेट कोई महंगी दवाई नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की कुछ आदतें हैं। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि वो कौन सी आदतें हैं जो आपको भी एक लंबी और स्वस्थ ज़िंदगी दे सकती हैं।
1. खाने में 'इंद्रधनुष' को शामिल करें (Eat The Rainbow)
लंबी उम्र जीने वाले लोग "पेट भरने" के लिए नहीं, बल्कि "पोषण" के लिए खाते हैं। उनकी थाली में आपको हर रंग दिखेगा।
- सीक्रेट: अपनी डाइट को "प्लांट बेस्ट" (Plant Based) रखें। इसका मतलब यह नहीं कि आप साधु बन जाएं, लेकिन कोशिश करें कि आपकी थाली में 70% हिस्सा हरी सब्जियां, फल, बीन्स (राजमा, दाल), और मेवे हों। जंक फूड और पैकेट वाली चीजों से दोस्ती तोड़नी पड़ेगी। चीनी (Sugar) को तो दुश्मन मान लीजिए, क्योंकि यह शरीर को अंदर से जल्दी बूढ़ा करती है।
2. जिम जाने की ज़रूरत नहीं, बस "चलते रहें"
आपको जानकर हैरानी होगी कि 100 साल जीने वाले लोग जिम जाकर भारी डंबल्स नहीं उठाते। वो "नैचुरल मूवमेंट" पर विश्वास रखते हैं।
- आदत: वो पैदल चलते हैं, अपने घर के काम खुद करते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं और बागवानी करते हैं। अगर आप दिन भर ऑफिस की कुर्सी पर बैठे रहते हैं, तो यह खतरे की घंटी है। नियम बनाएं—चाहे कुछ भी हो जाए, दिन में 30 मिनट तेज़ वॉक ज़रूर करेंगे।
3. "हारा हची बू" (Hara Hachi Bu) का जादुई नियम
जापान के ओकिनावा के लोगों का एक बहुत प्रसिद्ध नियम है—"हारा हची बू"।
- इसका मतलब: खाना तब तक ही खाएं जब तक आपका पेट 80% भर जाए। हम अक्सर गले तक खाना ठूस लेते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर लोड पड़ता है। पेट में थोड़ी जगह खाली छोड़ना आपके शरीर की "उम्र" बढ़ाता है और मोटापा घटाता है।
4. वजह खोजिए (Find Your Ikigai)
क्या सुबह उठने की आपके पास कोई ठोस वजह है? जिन लोगों के पास जीवन में कोई "मकसद" या "Purpose" होता है, वे बाकियों से ज्यादा जीते हैं। यह मकसद कुछ भी हो सकता है—अपने पोते-पोतियों को खिलाना, गिटार सीखना, या समाज सेवा करना। रिटायरमेंट का मतलब रुकना नहीं है। खुद को व्यस्त रखें और मानसिक रूप से एक्टिव रहें।
5. तन्हाई है जानलेवा (Stay Connected)
आज के दौर में हम मोबाइल में तो जुड़े हैं, लेकिन असल ज़िंदगी में अकेले हैं। साइंस कहता है कि "अकेलापन" (Loneliness) दिन में 15 सिगरेट पीने जितना खतरनाक है।
- समाधान: अपने दोस्तों से मिलें, परिवार के साथ वक्त बिताएं और पड़ोसियों से गपशप करें। हंसना-बोलना और लोगों के बीच रहना "स्ट्रेस हार्मोन" को कम करता है और दिल को जवान रखता है।
6. शाम का 'पॉवर ऑफ' (Sleep Well)
नींद वो समय है जब आपका शरीर खुद को "रिपेयर" करता है। अगर आप रात को देर तक जागते हैं, तो शरीर की मरम्मत नहीं हो पाती और बीमारियां घर बना लेती हैं। रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद किसी टॉनिक से कम नहीं है।