राजस्थान छोड़ दो या अंजाम भुगतने को तैयार रहो ,गैंगस्टर्स को सीएम भजनलाल का ऐसा अल्टीमेटम

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान की गलियों और बाज़ारों में पिछले कुछ समय से जिस 'गैंगस्टर कल्चर' ने लोगों की नींद उड़ा रखी थी, अब उसकी जड़ें हिलने लगी हैं। राजस्थान की सड़कों पर खुद को 'किंग' समझने वाले अपराधी अब अपनी जान बचाते फिर रहे हैं। 2026 की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ कर दिया है कि उनके राज में अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे होंगे या फिर राज्य की सीमाओं के बाहर।

हाल ही में एटीएस (ATS) और एसओजी (SOG) ने राजस्थान के कई हिस्सों में गैंगस्टर्स और उनके गुर्गों के खिलाफ जो कार्रवाई की है, उसने अपराधियों के पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। चलिए समझते हैं कि आखिर क्या है मुख्यमंत्री का नया 'मिशन राजस्थान'।

मुख्यमंत्री का सीधा संदेश: "सुधर जाओ वरना कुचल दिए जाओगे"

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक ताजा बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने पुलिस और एजेंसियों को खुली छूट देते हुए कहा है कि किसी भी अपराधी को बख्शने की ज़रूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी— "राजस्थान की पावन धरा वीरों की भूमि है, यहाँ अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। या तो गलत रास्ता छोड़ दो, वरना कानून के डंडे का स्वाद चखने को तैयार रहो।"

यह पहली बार है जब सरकार की तरफ से इतना सीधा और सख्त हमला बोला गया है। लोग इसे "जीरो टॉलरेंस" पॉलिसी के रूप में देख रहे हैं।

ATS और SOG की ताबड़तोड़ कार्रवाई

बीते कुछ हफ्तों में हमने देखा है कि राजस्थान पुलिस और स्पेशल फोर्सेस ने रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई जैसे गैंग्स से जुड़े कई अहम लोगों को दबोचा है। ये वो लोग थे जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गुमराह करते थे और फिर रंगदारी (Extortion) का धंधा चलाते थे।

इस कार्रवाई में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि उनकी 'बी टीम' यानी वो छोटे गुर्गे भी धरे जा रहे हैं जो हथियार सप्लाई करने या व्यापारियों को धमकाने का काम करते थे। राजस्थान पुलिस अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इन गैंगस्टर्स के सोशल मीडिया फुटप्रिंट्स का पीछा कर रही है।

व्यापारियों और जनता के लिए राहत

राजस्थान का व्यापार वर्ग काफी समय से इन धमकियों से परेशान था। कई दुकानदारों और रियल एस्टेट कारोबारियों को इंटरनेशनल कॉल्स के जरिए डराया जा रहा था। पुलिस की इस सक्रियता और मुख्यमंत्री के कड़े बयानों के बाद बाज़ारों में विश्वास का माहौल लौट रहा है।

लोग सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर प्रशासन ऐसे ही मुस्तैद रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब राजस्थान की सड़कों पर कोई गैंगस्टर नहीं दिखेगा।

आखिर कब तक चलेगा ये सफाया?

प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई किसी एक खास गैंग के लिए नहीं है, बल्कि राजस्थान की 'ब्रांड वैल्यू' को सुरक्षित करने के लिए है। राज्य सरकार चाहती है कि राजस्थान में निवेश आए, टूरिज्म बढ़े और लोग सुरक्षित महसूस करें। और यह तभी मुमकिन है जब अपराधियों में कानून का डर होगा।

भविष्य की रणनीति को देखें तो अब राज्य के बॉर्डर वाले इलाकों में नाकेबंदी और बढ़ा दी गई है ताकि ये अपराधी दूसरे राज्यों में जाकर शरण न ले सकें।

आप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस 'गैंगस्टर विरोधी मुहिम' को किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि वाकई राजस्थान में अपराध अब कम होगा? अपनी राय कमेंट्स में हमें जरूर बताएं।