UP के इन 30 गांवों में जमीन खरीदना-बेचना हुआ ‘बैन’! जानें सरकार का क्या है बड़ा ‘मास्टर-प्लान’

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सोचिए, आप एक सुबह उठें और पता चले कि आपके गांव में और आसपास की सारी जमीन की खरीद-फरोख्त पर सरकार ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न कोई जमीन खरीद सकता है, न बेच सकता है!

यह कोई फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के 30 गांवों की हकीकत बन गया है। यहां के जिलाधिकारी (DM) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे बसे इन 30 गांवों में जमीन की हर तरह की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, जिससे लगभग 18,532 किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

तो आखिर सरकार ने यह ‘तालाबंदी’ क्यों की?

आप सोच रहे होंगे कि यह तो गलत है। लेकिन रुकिए, इसके पीछे की वजह जानकर आप भी शायद कहेंगे कि यह एक बहुत ही समझदारी भरा और जरूरी कदम है।

इसका सीधा और एकमात्र मकसद है - दलालों और बड़े-बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के ‘खेल’ को शुरू होने से पहले ही खत्म कर देना।

समझिए पूरा ‘खेल’

  • क्या होता है?: जब भी सरकार किसी बड़ी परियोजना (जैसे एयरपोर्ट या टाउनशिप) की घोषणा करने वाली होती है, तो इसकी भनक कुछ बड़े प्रॉपर्टी डीलरों और दलालों को लग जाती है।
  • वे क्या करते हैं?: वे तुरंत भोले-भाले किसानों से उनकी जमीन कौड़ियों के भाव खरीद लेते हैं।
  • फिर क्या होता है?: जब सरकार जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की घोषणा करती है और अच्छा मुआवजा देती है, तो यह सारा मोटा पैसा किसानों की जेब में जाने की बजाय उन दलालों की तिजोरी में चला जाता है।

सरकार ने इसी लूट को रोकने के लिए, प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा से पहले ही यहां जमीन की खरीद-फरोख्त पर ‘ताला’ लगा दिया है, ताकि जब मुआवजा बंटे तो उसका सीधा और पूरा फायदा उन 18,000 से ज्यादा किसानों को मिले, जिनकी यह जमीन है।

तो आखिर यहां बनने क्या वाला है?

यह कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं है। यहां बसने जा रहा है एक पूरा नया और स्मार्ट शहर, जिसे ‘सैटेलाइट टाउनशिप’ का नाम दिया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की देखरेख में यहां बसेंगे:

  • नए उद्योग और बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां।
  • स्कूल, कॉलेज और अस्पताल।
  • आधुनिक घर और बाजार।

यह टाउनशिप कन्नौज की किस्मत बदलने वाली है और इसे विकास के एक नए युग में ले जाने वाली है। यह सिर्फ एक सरकारी आदेश नहीं है, बल्कि यह नियोजित विकास और किसानों के हितों की रक्षा करने वाला एक बहुत बड़ा और सोचा-समझा फैसला है।