कोहली से कुछ सीखो वरना रुक जाएगा करियर रवींद्र जडेजा को आखिर क्यों मिली ये सख्त नसीहत

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News India Live, Digital Desk : टीम इंडिया के 'सर' रवींद्र जडेजा। एक ऐसा नाम जिसने अपनी जादुई स्पिन और शानदार फील्डिंग से न जाने कितने मैच हमें जिताए हैं। लेकिन क्या आपको महसूस हो रहा है कि पिछले कुछ समय से जडेजा की उस पुरानी चमक में थोड़ी कमी आई है? हाल ही में क्रिकेट के जानकारों और एक्सपर्ट्स के बीच एक चर्चा बड़े ज़ोरों पर है कि अगर जडेजा को अपना इंटरनेशनल करियर और लंबा खींचना है, तो उन्हें अपने पुराने साथी विराट कोहली से एक बड़ी सीख लेनी होगी।

सवाल ये नहीं है कि जडेजा मैच जीतना नहीं जानते, सवाल ये है कि क्या वो समय के साथ खुद को बदल रहे हैं?

क्यों दी गई विराट कोहली की मिसाल?
हम सब जानते हैं कि विराट कोहली 36 की उम्र में भी 25 साल के लड़के जैसी फुर्ती रखते हैं। इसका बड़ा कारण ये है कि कोहली कभी एक जगह ठहरे नहीं। उन्होंने अपनी फिटनेस, अपनी डाइट और यहाँ तक कि अपनी बल्लेबाजी तकनीक पर भी समय-समय पर काम किया। दूसरी तरफ, रवींद्र जडेजा को लेकर ये कहा जा रहा है कि वो थोड़े 'Stubborn' यानी जिद्दी या अपनी पुरानी आदतों में बंधे हुए होते जा रहे हैं।

जिद्द अच्छी है, लेकिन कितनी?
मैदान पर एक ऑलराउंडर के लिए जिद्द ज़रूरी है, लेकिन जब आपका फॉर्म डगमगा रहा हो, तो बदलाव भी उतना ही ज़रूरी हो जाता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया घरेलू सीरीज में हमने देखा कि स्पिन पिचों पर भी जडेजा उस तरह का खौफ पैदा नहीं कर पा रहे थे, जिसके लिए वो जाने जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब खेल आगे बढ़ रहा है और विपक्षी टीमें आपको पढ़ रही हैं, तो आपको भी अपनी गेंदबाजी में नए 'वेरिएशन' लाने होंगे, जैसा कोहली ने अपनी फिटनेस के साथ किया।

आगे का सफर आसान नहीं है
वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे युवा खिलाड़ी अब दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। ऐसे में अगर जडेजा ने कोहली वाले उस 'भूख' और 'बदलाव' को अपने खेल में नहीं उतारा, तो उनके लिए टीम में जगह बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। किसी दिग्गज ने ठीक ही कहा है कि अगर आपको मैदान पर बने रहना है, तो आपको रोज कुछ नया सीखना होगा।

अब देखना ये है कि क्या रवींद्र जडेजा इस नसीहत को गंभीरता से लेते हैं? आखिर हम सब चाहते हैं कि 'सर' जडेजा अपनी उसी पुरानी नज़ाकत और आक्रामकता के साथ टीम में वापसी करें और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जैसे बड़े मुकाबलों में भारत का तिरंगा लहराएँ।