सावन का आखिरी सोमवार 2025: जानें तारीख, मुहूर्त, परंपरागत विधि और बेहद असरदार उपाय

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क्या आप भी इस बार भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं? सावन का चौथा और आखिरी सोमवार हर शिवभक्त के लिए खास है! जानिए इस वर्ष चौथा सोमवार कब है, पूजा का बिल्कुल सही शुभ मुहूर्त, स्टेप-बाय-स्टेप पूजन-विधि और ऐसे उपाय, जिन्हें करने से आपके जीवन की परेशानियां दूर होंगी और भगवान भोलेनाथ विशेष कृपा देंगे।

कब है सावन का आखिरी सोमवार?

सावन का चौथा (आखिरी) सोमवार: 4 अगस्त 2025
यही सोमवार पूरे माह का सबसे पावन दिन है, जिसमें भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व है।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ब्रह्म और इन्द्र योग का शुभ संयोग भी बन रहा है।

शुभ मुहूर्त: किस समय करें जलाभिषेक और पूजा?

ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 4:20 बजे से 5:02 बजे तक
(इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक व पूजा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है)

अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 2:42 बजे से 3:36 बजे तक

अमृत काल:
शाम 5:47 बजे से 7:34 बजे तक

भक्त पूरे दिन, किसी भी समय भक्ति-भाव से पूजा कर सकते हैं, लेकिन उपरोक्त मुहूर्तों का योग सबसे शुभ माना गया है।

संपूर्ण पूजन-विधि: कैसे करें सावन सोमवार की पूजा?

सवेरा होते ही उठें, स्नान आदि नित्यकर्म कर लें।

व्रत का संकल्प लें और भगवान शिव एवं मां पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

शिवलिंग का गंगा जल और पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, शक्कर) से अभिषेक करें।

बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा, फल व मिठाई भगवान को अर्पित करें।

एक घी का दीपक जलाएं, शिव चालीसा का पाठ और आरती करें।

सावन सोमवार व्रत कथा जरूर पढ़ें।

अंत में पूजा में हुई भूल-चूक के लिए भगवान से क्षमा याचना करें।

खास उपाय: जीवन की परेशानियों से राहत के लिए

रुद्राभिषेक ज़रूर करें। इससे घर-परिवार से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ग्रह दोष शांत होते हैं।

108 बेलपत्र पर सफेद चंदन लगाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। मान्यता है कि इस उपाय से हर तरह की कठिनाई, बाधा व संकट से राहत मिलती है।

मन में सद्भाव, प्रेम, श्रद्धा और विनम्रता रखें—यही भगवान शिव की सबसे प्रिय भेंट होती है!

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