Kunda MLA : राजा भैया के शस्त्र पूजन पर आई पुलिस की जांच रिपोर्ट, जानिए लाइसेंसी थे या अवैध?
News India Live, Digital Desk: दशहरा के मौके पर जनसत्ता दल के अध्यक्ष और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के शस्त्र पूजन का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों के बाद हुए विवाद पर पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है.
जांच में क्या मिला?
पुलिस द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि दशहरे के दिन राजा भैया ने जिन हथियारों का पूजन किया था, वे सभी लाइसेंसी थे. रिपोर्ट के अनुसार, पूजन में इस्तेमाल किए गए किसी भी हथियार को अवैध नहीं पाया गया है. यह रिपोर्ट प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा उच्च अधिकारियों को भेजी गई है. इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद माना जा रहा है कि राजा भैया को इस मामले में बड़ी राहत मिल सकती है.
क्या था पूरा मामला?
हर साल की तरह इस साल भी दशहरे के मौके पर राजा भैया ने अपनी कोठी 'बेंती' में शस्त्र पूजन का आयोजन किया था. इस पूजन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं, जिसमें वह अत्याधुनिक राइफलों और अन्य हथियारों के जखीरे के साथ पूजा करते हुए दिखाई दे रहे थे.
इन तस्वीरों के वायरल होते ही एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने इसे शक्ति प्रदर्शन और कानून का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे. सपा नेता शिवपाल यादव ने तंज कसते हुए पूछा था कि "क्या आम लोगों को भी इतने हथियार रखने की इजाजत है?". बढ़ते विवाद और दबाव के बाद, पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्वीरों में दिख रहे हथियार लाइसेंसी हैं या अवैध.
हर साल करते हैं शस्त्र पूजन
राजा भैया का परिवार दशकों से दशहरे के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है. यह उनके लिए एक पारंपरिक और पारिवारिक आयोजन होता है, जिसमें उनके समर्थक भी शामिल होते हैं. हालांकि, इस बार तस्वीरों में दिखे अत्याधुनिक हथियारों की वजह से यह मामला तूल पकड़ गया था.
अब जब पुलिस ने अपनी जांच में हथियारों को लाइसेंसी करार दे दिया है, तो इस पर छिड़ा सियासी घमासान भी शांत होने की उम्मीद है.