Kharmas 2026 : खरमास में थम जाएंगे मांगलिक कार्य, लेकिन इन 5 वास्तु उपायों से घर में बरसेगी सुख-समृद्धि
News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में खरमास (Kharmas) को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है। साल 2026 में खरमास का आरंभ 14 मार्च से हो चुका है, जो 13 अप्रैल (मेष संक्रांति) तक चलेगा। हालांकि इस दौरान शादी-ब्याह और मुंडन जैसे कार्य नहीं होते, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष उपाय करने से आप अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर खुशहाली ला सकते हैं।
खरमास में क्यों बंद होते हैं शुभ कार्य?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य की गति धीमी पड़ जाती है और उनका तेज कम हो जाता है। चूंकि सूर्य को सभी ग्रहों का राजा और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, इसलिए इस समय किए गए मांगलिक कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। लेकिन, यह समय आध्यात्मिक साधना और घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए बहुत उत्तम माना गया है।
सुख-समृद्धि के लिए करें ये 5 वास्तु उपाय
1. मुख्य द्वार पर हल्दी से बनाएं स्वास्तिक वास्तु शास्त्र के अनुसार, खरमास के दौरान प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाना चाहिए। हल्दी को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है और स्वास्तिक नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
2. ईशान कोण की सफाई और जल का छिड़काव घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) को देवताओं का स्थान माना जाता है। खरमास में इस कोने की विशेष सफाई करें और वहां एक तांबे के पात्र में गंगाजल भरकर रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
3. तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। खरमास की शाम को तुलसी के पास गाय के घी का दीपक जलाने से वास्तु दोष दूर होते हैं और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। ध्यान रहे कि रविवार को तुलसी को जल न दें।
4. शाम के समय शंखनाद का महत्व वास्तु के अनुसार, खरमास के दिनों में शाम की पूजा के दौरान शंख बजाना बहुत शुभ होता है। शंख की ध्वनि से घर के सूक्ष्म वास्तु दोष और नकारात्मक तरंगें नष्ट हो जाती हैं।
5. नमक के पानी का पोंछा घर में बार-बार झगड़े या तनाव रहता है, तो खरमास के दौरान सप्ताह में कम से कम दो बार पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (Saindha Namak) मिलाकर पोंछा लगाएं। यह उपाय घर की 'नजर दोष' और भारीपन को कम करता है।
खरमास में इन बातों का रखें खास ख्याल
घर के ब्रह्म स्थान (बीच का हिस्सा) को भारी सामान से मुक्त रखें।
टूटे हुए शीशे या खराब बिजली के उपकरणों को घर से बाहर निकाल दें।
हर शाम कपूर जलाकर पूरे घर में उसकी सुगंध फैलाएं।