Kharif Crop Compensation : झारखंड के सुखाड़ पीड़ित किसानों को हेमंत सरकार देगी मुआवजा, फसल नुकसान की होगी भरपाई
News India Live, Digital Desk: Kharif Crop Compensation : झारखंड में अनियमित मॉनसून और सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के किसानों को फसल क्षति के लिए मुआवजा देने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इस कदम से उन लाखों किसानों को बड़ी मदद मिलेगी जिनकी फसलें बारिश की कमी के कारण बर्बाद हो गईं और वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं.
झारखंड फसल राहत योजना के तहत मिलेगा लाभ
राज्य सरकार यह मुआवजा अपनी महत्वाकांक्षी 'झारखंड राज्य फसल राहत योजना' के तहत देगी. यह योजना केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना से अलग है और इसे खासतौर पर झारखंड के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है. इस योजना की खास बात यह है कि इसके लिए किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना होता है.
कैसे और कितना मिलेगा मुआवजा?
सरकारी प्रक्रिया के अनुसार, फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए एक 'क्रॉप कटिंग' रिपोर्ट तैयार की जाती है. इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाता है that किस इलाके में कितना नुकसान हुआ है और किसानों को कितनी सहायता राशि दी जानी चाहिए.
- सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, 33% से 50% तक फसल क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है.
- यदि नुकसान 50% से अधिक होता है, तो यह राशि बढ़कर 4,000 रुपये प्रति एकड़ हो जाती है.
- यह मुआवजा अधिकतम 5 एकड़ तक की भूमि के लिए ही देय होता है.
यह फैसला उस समय आया है जब राज्य के कई जिलों में सुखाड़ जैसे हालात बने हुए हैं. बारिश न होने के कारण धान और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में सरकार की यह मदद किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. यह उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगा और उन्हें कर्ज के बोझ से भी बचाएगा. सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह राज्य के अन्नदाताओं की मुश्किलों के प्रति संवेदनशील है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है.