KGMU लखनऊ में महिला डॉक्टर से छेड़खानी आरोपी डॉक्टर सस्पेंड, पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

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News India Live, Digital Desk: चिकित्सा के क्षेत्र में देश भर में अपनी पहचान रखने वाले किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई बदसलूकी ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी डॉक्टर विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात था।

1. क्या है पूरा मामला? (The Incident)

पीड़िता, जो कि KGMU में एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर है, ने आरोप लगाया है कि आरोपी डॉक्टर पिछले कुछ समय से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था।

घटना: पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने काम के बहाने उसे अपने केबिन में बुलाया और वहां उसके साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी की।

विरोध: जब महिला डॉक्टर ने इसका विरोध किया, तो उसे करियर खराब करने और डराने-धमकाने की कोशिश की गई।

2. प्रशासन की त्वरित कार्रवाई (Administrative Action)

मामला सामने आते ही संस्थान में हड़कंप मच गया। रेजिडेंट डॉक्टरों के बढ़ते गुस्से और शिकायत की प्राथमिक पुष्टि के बाद:

निलंबन: KGMU के कुलपति (VC) ने आरोपी डॉक्टर को जांच पूरी होने तक पद से निलंबित कर दिया है।

जांच कमेटी: यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए बनी आंतरिक समिति (Internal Complaints Committee - ICC) को मामले की विस्तृत जांच सौंप दी गई है।

परिसर में प्रवेश पर रोक: निलंबन की अवधि के दौरान आरोपी डॉक्टर के विभाग और संबंधित वार्डों में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

3. पुलिस की भूमिका और FIR

पीड़िता ने केवल संस्थान में ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई है।

धाराएं: पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

रेजीडेंट डॉक्टरों में रोष

इस घटना के बाद KGMU के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नाराजगी जाहिर की है। डॉक्टरों के संगठन ने मांग की है कि:

आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए 'नो-टॉलरेंस' पॉलिसी को सख्ती से लागू किया जाए।

नाइट ड्यूटी के दौरान हॉस्टल और वार्डों में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए।