Kerala Elections 2026: मणिशंकर अय्यर के 'विजयन' राग से कांग्रेस में भूचाल! बोले- 'विजयन ही रहेंगे CM', पार्टी ने झाड़ा पल्ला
तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया है। जहां एक ओर कांग्रेस केरल की सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं अय्यर ने सार्वजनिक मंच से माकपा नेता पिनराई विजयन के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का भरोसा जता दिया है। कांग्रेस ने इस बयान से खुद को पूरी तरह अलग करते हुए अय्यर को 'निजी क्षमता' में बोलने वाला नेता करार दिया है।
मुख्यमंत्री विजयन की मौजूदगी में की तारीफों की बौछार
यह पूरा घटनाक्रम तिरुवनंतपुरम में 'विजन 2031: विकास और लोकतंत्र' विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान हुआ। इस सम्मेलन का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया था। यूपीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके मणिशंकर अय्यर ने केरल के पंचायती राज मॉडल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि महात्मा गांधी के 'ग्राम स्वराज' के सपने को केरल में मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी (LDF) सबसे बेहतर तरीके से लागू कर रही है।
"विजयन ही संभालें कांग्रेस की छोड़ी जिम्मेदारी"
अय्यर यहीं नहीं रुके, उन्होंने मंच से विजयन को संबोधित करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री की उपस्थिति में, जिनके पद पर बने रहने का मुझे पूरा विश्वास है, मैं अपील करता हूं कि केरल को देश का सर्वश्रेष्ठ पंचायती राज वाला राज्य बनाने के लिए आवश्यक कानूनी संशोधन किए जाएं।" उन्होंने आगे भावुक अपील करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री विजयन, मैं आपसे करबद्ध निवेदन करता हूं कि कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई जिम्मेदारी को अब आप ही संभालें।"
कांग्रेस का तीखा पलटवार: "हमारा इनसे कोई लेना-देना नहीं"
मणिशंकर अय्यर के इस बयान ने कांग्रेस आलाकमान को असहज कर दिया है। रविवार (15 फरवरी) को पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस बयान से किनारा कर लिया।
पवन खेड़ा का बयान: कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों से मणिशंकर अय्यर का कांग्रेस की आधिकारिक नीति या निर्णय प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। वे जो भी कहते हैं, वह उनकी निजी राय है।
जयराम रमेश की प्रतिक्रिया: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि केरल की जनता इस बार जवाबदेह शासन के लिए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को ही सत्ता में वापस लाएगी।
केरल में चुनावी पारा हाई
केरल में आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में आमतौर पर हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन (UDF बनाम LDF) की परंपरा रही है, लेकिन पिछली बार पिनराई विजयन ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी। अब मणिशंकर अय्यर जैसे वरिष्ठ नेता का विजयन के प्रति यह 'भरोसा' कांग्रेस के लिए चुनावी मैदान में बड़ी मुसीबत बन सकता है, क्योंकि बीजेपी और एलडीएफ इसे कांग्रेस की आंतरिक कमजोरी के रूप में प्रचारित कर सकते हैं।