Kerala Election 2026 : मुस्लिम वोट बैंक पर महा-संग्राम LDF और UDF के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग क्या BJP लगा पाएगी सेंध
News India Live, Digital Desk: केरल की 140 विधानसभा सीटों पर सत्ता का रास्ता मालाबार तट और मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर गुजरता है। शनिवार (28 मार्च 2026) को जारी ताजा राजनीतिक विश्लेषणों के अनुसार, राज्य की लगभग 27-30% मुस्लिम आबादी इस बार किसी एक पाले में जाने के बजाय 'रणनीतिक मतदान' (Strategic Voting) की ओर बढ़ रही है। जहाँ सत्तारूढ़ LDF (वामपंथी गठबंधन) अपनी 'धर्मनिरपेक्ष' छवि के दम पर दोबारा वापसी की उम्मीद कर रहा है, वहीं UDF (कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन) अपने पुराने गढ़ को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।
1. वायनाड: राहुल गांधी का प्रभाव और UDF की चुनौती
वायनाड केवल एक लोकसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि केरल की राजनीति का 'नर्व सेंटर' बन गया है।
कांग्रेस का दांव: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सक्रियता ने यहाँ UDF के पक्ष में माहौल बनाया है। मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कांग्रेस का गठबंधन यहाँ उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
बदलता समीकरण: हालांकि, हाल के वर्षों में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर लगे प्रतिबंध और एसडीपीआई (SDPI) की सक्रियता ने पारंपरिक मुस्लिम वोटों के बंटवारे का खतरा पैदा कर दिया है।
2. LDF का 'सोशल इंजीनियरिंग' मॉडल
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला LDF इस बार मुस्लिम युवाओं और मध्यम वर्ग को आकर्षित करने के लिए 'विकास' और 'सीएए (CAA) विरोध' को ढाल बना रहा है।
अल्पसंख्यक तुष्टिकरण बनाम सुरक्षा: वामपंथी दलों का तर्क है कि बीजेपी के 'हिंदुत्व' के खिलाफ केवल वे ही डटकर खड़े हैं। कोझिकोड और मलप्पुरम जैसे इलाकों में सीपीएम (CPI-M) ने मुस्लिम समुदायों के बीच अपनी पैठ काफी मजबूत की है।
3. BJP का 'ईसाई-मुस्लिम' आउटरीच प्लान
केरल में बीजेपी अब केवल हिंदू वोटों तक सीमित नहीं रहना चाहती।
ईसाई वोट बैंक: 'लव जिहाद' और 'नारकोटिक जिहाद' जैसे मुद्दों को उठाकर बीजेपी ने ईसाई समुदाय के एक बड़े वर्ग को अपने करीब लाने की कोशिश की है।
मुस्लिमों में पैठ: प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' मंत्र के साथ बीजेपी मुस्लिम महिलाओं (ट्रिपल तलाक का मुद्दा) और राष्ट्रवादी मुस्लिमों के बीच संवाद बढ़ा रही है। यदि बीजेपी 15-18% वोट शेयर हासिल करने में सफल रहती है, तो यह केरल के द्विध्रुवीय (Bipolar) इतिहास को बदल देगा।
केरल चुनाव 2026: मुख्य बिंदु
मतदान: अप्रैल-मई 2026 के बीच संभावित।
सीटें: 140 (बहुमत के लिए 71)।
बड़ा मुद्दा: बेरोजगारी, खाड़ी देशों से लौट रहे प्रवासी (NRKs) और धार्मिक ध्रुवीकरण।