Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर महिलाएं न करें ये गलतियां, वरना पति का...
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत के दौरान सोलह श्रृंगार करती हैं और कुछ नियमों का पालन करती हैं। हालाँकि, कुछ महिलाएं कुछ नियमों की अनदेखी कर देती हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई परेशानियाँ आती हैं और व्रत का फल कम हो जाता है।
आपको बता दें कि करवा चौथ के व्रत वाले दिन विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
पूर्णिया के पंडित मनोत्पाल झा कहते हैं कि कोई भी व्रत नियमों से भरा होता है। नियमों का पालन ही व्रत है। उन्होंने बताया कि करवा चौथ 10 तारीख को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि व्रत रखने वालों के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन करना बेहद ज़रूरी है। हालाँकि, ये सदियों पुराने नियम हैं।
इन चीजों को छूने से कम हो जाती है आपके पति की आयु
करवा चौथ के दिन व्रती महिलाओं को धारदार चीजों से बचना चाहिए, जिसमें चाकू, सुई और अन्य कोई भी नुकीली चीज शामिल है। इनका इस्तेमाल अशुभ माना जाता है। करवा चौथ का व्रत निर्जल व्रत होता है, यानी आपको पूरे दिन कुछ भी खाने-पीने से परहेज करना चाहिए। सूर्योदय के बाद और चंद्रोदय से पहले कुछ भी मुंह में डालने से व्रत टूट सकता है। ऐसे में अगर करवा चौथ के दिन गलती से कुछ मुंह में डाल लिया हो तो तुरंत स्नान कर साफ कपड़े पहनकर भगवान शिव, पार्वती, गणेश और करवा माता से क्षमा मांगनी चाहिए। फिर व्रत जारी रखने का संकल्प लेना चाहिए।
इस दिन काले, नीले या सफेद कपड़े पहनने से बचें। इस दिन काला, नीला या सफेद रंग नकारात्मक माना जाता है। सफेद रंग विधवापन का प्रतीक माना जाता है। लाल, गुलाबी, पीला और नारंगी जैसे चटख रंग पहनना शुभ माना जाता है।
भूलकर भी किसी स्त्री को ये चीज़ें न दें।
करवा चौथ के दिन अपनी मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियाँ, बिंदी या कोई भी सुहाग सामग्री किसी दूसरी स्त्री को न दें। ऐसा करने से आपका सौभाग्य कम होता है। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को शांत और विनम्र रहना चाहिए। बहस करने या अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें। किसी भी तरह की नकारात्मक बातें या अनावश्यक क्रोध करने से बचें।