Kanya Pujan 2025 : कन्या पूजन से पहले जानें 2025 की महा नवमी के सबसे ज़रूरी नियम और शुभ मुहूर्त

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News India Live, Digital Desk: शारदीय नवरात्रि का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है. नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है. इन्हीं नौ दिनों में से आठवां और नौवां दिन खास महत्व रखता है. महाष्टमी के बाद, नौवां दिन, जिसे महा नवमी कहते हैं, नवरात्रि के समापन का दिन होता है और इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. अगर आप भी 2025 की नवरात्रि के लिए अपनी तैयारियां कर रहे हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि महा नवमी कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और कन्या पूजन कब कर सकते हैं.

2025 में महा नवमी 10 अक्टूबर, शुक्रवार को पड़ रही है. इस दिन भक्तजन पूरे भक्तिभाव से माँ दुर्गा के नवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं, जो सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली मानी जाती हैं. नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु इस दिन विधिवत पूजा और हवन करने के बाद अपने व्रत का पारण करते हैं.

महा नवमी 2025 शुभ मुहूर्त:

  • महा नवमी तिथि का आरंभ: 9 अक्टूबर 2025, रात 08:32 बजे से
  • महा नवमी तिथि का समापन: 10 अक्टूबर 2025, शाम 07:11 बजे तक

पूरे दिन मां दुर्गा की पूजा अर्चना और हवन-पूजन किया जा सकता है, लेकिन सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है.

कन्या पूजन का शुभ समय:
नवमी के दिन कन्या पूजन का भी खास महत्व होता है. इस दिन छोटी बच्चियों को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, उन्हें भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं. कन्या पूजन का सबसे उत्तम समय सुबह से दोपहर तक होता है. 10 अक्टूबर को सुबह लगभग 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक कन्या पूजन करना बेहद फलदायी माना जाएगा.

व्रत पारण का समय:
जो लोग पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं, वे नवमी के दिन पूजा-पाठ और कन्या पूजन के बाद अपने व्रत का पारण करते हैं. व्रत पारण शाम 07:11 बजे के बाद ही किया जा सकेगा, जब नवमी तिथि समाप्त हो जाए.

तो इस महा नवमी पर अपनी भक्ति और आस्था के साथ माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें!