बढ़ती दिख रही हैं कंगना की मुश्किलें कोर्ट ने ठुकराई गुहार, अब 15 जनवरी को खुद होना पड़ेगा हाजिर?
News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड की पंगा गर्ल और अब सांसद कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार मामला उनकी किसी फिल्म या बयान का नहीं, बल्कि अदालती कार्रवाई का है। खबर यह है कि कंगना को अदालत से वह राहत नहीं मिल पाई जिसकी उन्हें उम्मीद थी। काफी समय से कानूनी दांव-पेंचों में उलझीं कंगना ने कोर्ट से व्यक्तिगत पेशी (Personal Appearance) से छूट मांगी थी, लेकिन अदालत ने उनकी इस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अदालत में चल रहे इस पुराने मामले में कंगना चाहती थीं कि उन्हें बार-बार चक्कर न काटने पड़ें और उनके वकील उनकी तरफ से पक्ष रखते रहें। लेकिन कानून की अपनी प्रक्रिया होती है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उन्हें अगली तारीख पर यानी 15 जनवरी को खुद कोर्ट रूम में मौजूद रहना होगा। इसे कंगना के लिए एक बड़ा सेटबैक माना जा रहा है क्योंकि सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच बार-बार कोर्ट के चक्कर काटना किसी के लिए भी आसान नहीं होता।
अदालत का कड़ा रुख
अक्सर देखा जाता है कि बड़े सेलेब्स व्यस्तता या सुरक्षा का हवाला देकर व्यक्तिगत पेशी से बचने की कोशिश करते हैं। मगर इस बार जज साहब का रुख थोड़ा कड़ा नजर आया। अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने यह संकेत दे दिया है कि सुनवाई की प्रक्रिया में देरी को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंगना को अब अपनी पूरी टीम के साथ 15 जनवरी की तैयारी करनी होगी।
आम जनता के बीच चर्चा
जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। कोई इसे कंगना के खिलाफ साजिश बता रहा है तो कोई कह रहा है कि 'कानून की लाठी बेआवाज होती है'। राजनीति में आने के बाद कंगना की चुनौतियां और बढ़ गई हैं, क्योंकि अब वह सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं बल्कि जनता की प्रतिनिधि भी हैं। ऐसे में उनकी हर कानूनी मुसीबत विपक्षी खेमे को भी हमला करने का मौका दे देती है।
अब सबकी निगाहें 15 जनवरी की उस तारीख पर टिकी हैं, जब कंगना रनौत को अदालत की दहलीज पर खड़ा होना पड़ेगा। क्या उस दिन उन्हें कुछ राहत मिलेगी या मुश्किलों का यह दौर और लंबा खिंचेगा? यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।