इतनी नीच बातें थोड़ा संयम रखें , अजित पवार के निधन पर ममता बनर्जी के साजिश वाले बयान पर भड़कीं कंगना रनौत
News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद विमान हादसे में निधन के बाद देश भर में शोक की लहर है। लेकिन इस त्रासदी के बीच अब राजनीतिक वार-पलटवार भी शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस हादसे को 'साजिश' की ओर इशारा करने वाले बयान पर बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत का गुस्सा फूट पड़ा है।
कंगना ने ममता बनर्जी की टिप्पणी को राजनीति का सबसे निचला स्तर करार देते हुए उन्हें "नीच बातें" न करने की सलाह दी है।
ममता बनर्जी ने क्या कहा? जिससे मचा बवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ममता बनर्जी ने अजित पवार के प्लेन क्रैश पर दुख तो जताया, लेकिन साथ ही एक बड़ा दावा भी कर दिया। ममता ने कहा:"यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के लोग और नेता सुरक्षित नहीं हैं। मैंने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर सुना था कि अजित पवार बीजेपी छोड़ना चाहते हैं और अब यह (हादसा) हो गया। मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है क्योंकि सब बिके हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट को ही इसकी जांच देखनी चाहिए।"
ममता के इस बयान को सीधे तौर पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
"हम शोक मना रहे हैं और ये राजनीति कर रही हैं" - कंगना
ममता के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एक बड़े नेता के जाने का शोक मना रहा है, तब इस तरह की 'कांस्पिरेसी थ्योरी' फैलाना अशोभनीय है।
कंगना ने मीडिया से बातचीत में कहा:
राजनीति का गिरता स्तर: "इतनी बड़ी ट्रैजिडी पर हम सब शोक मना रहे हैं। इस समय पर इतनी नीच बातें करना ठीक नहीं है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन इंसानियत भी कोई चीज होती है।"
संयम की सलाह: कंगना ने आगे कहा, "वह (ममता) खुद एक मुख्यमंत्री हैं, उन्हें थोड़ा संयम अपनाना चाहिए। हम सब भी हेलिकॉप्टर और प्लेन से ट्रैवल करते हैं। सुबह-सुबह ऐसी दुर्घटना हुई, इस पर राजनीति करना शर्मनाक है।"
जांच और ब्लैक बॉक्स पर टिकी निगाहें
एक तरफ जहां जुबानी जंग तेज है, वहीं दूसरी ओर नागरिक उड्डयन विभाग और जांच टीमें विमान के ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खराब मौसम और तकनीकी खराबी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
ममता बनर्जी की मांग है कि चूंकि मामला एक हाई-प्रोफाइल नेता से जुड़ा है और राजनीतिक परिस्थितियां जटिल थीं, इसलिए इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए।