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March 28 2026 08:42 pm

Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब रखें व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और श्री हरि को प्रसन्न करने वाली पूजा विधि

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है और जब बात चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की हो, तो 'कामदा एकादशी' का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं (कामदा यानी कामना पूरी करने वाली) सिद्ध होती हैं और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। साल 2026 में तिथियों के उतार-चढ़ाव के कारण व्रत की तारीख को लेकर उलझन बनी हुई है। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्यों और पंचांग के अनुसार व्रत की सटीक तिथि और पारण का समय।

कामदा एकादशी 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि का आरंभ 28 मार्च 2026 की सुबह 08:45 बजे से हो रहा है, जो अगले दिन 29 मार्च की सुबह 07:46 बजे समाप्त होगी। शास्त्रों के अनुसार, उदय तिथि और वैष्णव परंपरा को देखते हुए कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा।

पूजा के खास मुहूर्त:

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:50 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 से 03:19 तक

अमृत काल: दोपहर 01:02 से 02:38 तक

व्रत पारण का समय (Paran Time)

एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण सही समय पर किया जाए। 29 मार्च को व्रत रखने वाले श्रद्धालु 30 मार्च 2026 को पारण करेंगे। पारण का शुभ समय सुबह 06:13 बजे से 07:09 बजे तक रहेगा।

पूजा विधि: कैसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न?

कामदा एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु के 'वासुदेव' स्वरूप की पूजा की जाती है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु को पीला चंदन, पीले फूल, फल और तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) अर्पित करें। याद रखें कि विष्णु जी की पूजा में तुलसी का होना अनिवार्य है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, इन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

मंत्र और स्तुति: जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। साथ ही विष्णु स्तुति "शांताकारं भुजगशयनं..." का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। अंत में 'ओम जय जगदीश हरे' की आरती के साथ पूजा संपन्न करें। इस दिन दीपदान करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है।