कुर्सी से कटघरे तक का सफर ,जब वेनेजुएला के मदुरो ने जज के सामने हाथ जोड़कर कही ये बात
News India Live, Digital Desk: अक्सर राजनीति की ऊंचाइयों पर बैठे लोगों के बारे में हम यही सोचते हैं कि वे हमेशा नियंत्रण में रहते हैं। लेकिन वेनेजुएला के निकोलस मदुरो के मामले ने दिखा दिया है कि समय कब पलटी मार जाए, कोई नहीं जानता। अमेरिका की एक अदालत में सुनवाई के दौरान मदुरो ने अपनी चुप्पी तोड़ी और जो शब्द उन्होंने इस्तेमाल किए, वे किसी भी साधारण इंसान को हैरान कर सकते हैं।
"मैं एक भला और निर्दोष आदमी हूँ"
जब कोर्ट में मदुरो के सामने उनके खिलाफ लगे आरोपों की फेहरिस्त रखी गई, तो उन्होंने साफ़ तौर पर खुद को 'सज्जन और बेगुनाह' (Decent and Innocent) बताया। उन्होंने तर्क दिया कि उन पर लगे नार्को-टेररिज्म और भ्रष्टाचार के सारे आरोप बेबुनियाद हैं और यह केवल उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश है।
क्यों उलझा है ये मामला?
अमेरिका ने सालों पहले मदुरो पर अरबों डॉलर की हेराफेरी और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर इल्जाम लगाए थे। एक समय पर उनकी गिरफ़्तारी पर करोड़ों का इनाम भी था। लेकिन अब जब मामला अदालत में है, तो मदुरो का पूरा जोर इस बात पर है कि वे अपनी छवि को दुनिया के सामने फिर से सुधार सकें। वे खुद को एक ऐसे शिकार के रूप में पेश कर रहे हैं जिसे ताकतवर मुल्क ने घेर लिया है।
अदालत का माहौल और सस्पेंस
दिलचस्प बात यह है कि इस केस की सुनवाई वही बुजुर्ग जज कर रहे हैं जिनका अनुभव दशकों का है। कोर्ट में जब मदुरो ने खुद को एक 'भला इंसान' कहा, तो वहाँ मौजूद लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल था कि ये वही मदुरो हैं जिनके फैसलों ने कभी पूरे देश की किस्मत बदल दी थी।
अब सवाल यह उठता है कि क्या कोर्ट उनके इन भावुक बयानों को मानेगा या फिर पेश किए गए सबूतों की रोशनी में फैसला होगा? मदुरो के समर्थक जहाँ इसे न्याय की जीत मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि ये सिर्फ वक्त बिताने और सजा से बचने की एक और नाकाम कोशिश है। जो भी हो, यह मामला अब उस दौर में है जहाँ दुनिया की नजरें केवल सच की तलाश में टिकी हैं।