JMM Leader : जब दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हुए हेमंत और कल्पना सोरेन, नम आँखों से दी श्रद्धांजलि
News India Live, Digital Desk: जीवन का सबसे बड़ा सच यही है कि एक दिन सबको जाना होता है, और पीछे रह जाती हैं सिर्फ यादें। दुःख की ऐसी ही घड़ी में किसी अपने का साथ मिल जाए, तो हिम्मत बढ़ जाती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय रामदास सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम में, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ उनके परिवार को सांत्वना देने पहुँचे।
गमगीन माहौल में दी श्रद्धांजलि
यह कार्यक्रम घाटशिला में स्वर्गीय रामदास सोरेन के पैतृक आवास पर रखा गया था। माहौल बेहद गमगीन था। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन जब वहाँ पहुँचे, तो उन्होंने सबसे पहले स्वर्गीय रामदास सोरेन की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी आँखों में एक वरिष्ठ साथी को खोने का दुःख साफ़ झलक रहा था।
इसके बाद, उन्होंने रामदास सोरेन के शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के लोगों के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें हिम्मत दी और कहा कि इस मुश्किल समय में पूरी पार्टी और वे खुद उनके साथ खड़े हैं। यह महज़ एक राजनीतिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि एक परिवार के सदस्य की तरह दुःख बांटने का एक प्रयास था।
कौन थे रामदास सोरेन?
रामदास सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक मज़बूत स्तंभ थे। वे घाटशिला से विधायक भी रह चुके थे और अपने क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने 'गुरुजी' शिबू सोरेन के साथ मिलकर झारखंड आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई थी। उनका जाना पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है।
इस मौके पर पार्टी के कई दूसरे बड़े नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने स्वर्गीय रामदास सोरेन को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन दुःख के समय में इस तरह एक साथ खड़े होना ही हमारी असली पहचान है।