IAS आदित्य रंजन पहुंचे स्कूल तो नन्हीं छात्रा ने कर दी मांग

IAS आदित्य रंजन पहुंचे स्कूल तो नन्हीं छात्रा ने कर दी मांग

झारखंड के धनबाद जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया है। धनबाद के उपायुक्त (DC) IAS आदित्य रंजन जब गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय, किस्तोपुर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां एक अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान स्कूल की एक छोटी सी नन्हीं छात्रा ने बिना किसी झिझक के सीधे उपायुक्त के सामने जाकर आधुनिक शिक्षा से जुड़ने के लिए कंप्यूटर लगवाने की मासूम मांग रख दी। नन्हीं बच्ची की पढ़ाई के प्रति इस उत्सुकता और साहस को देखकर आईएएस अफसर आदित्य रंजन इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। धनबाद डीसी की इस त्वरित और संवेदनशील पहल के चलते महज 48 घंटे (दो दिन) के भीतर स्कूल में कंप्यूटर सेटअप पहुंच गया। आइए जानते हैं कि इस सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान क्या-क्या हुआ और कैसे एक बच्ची की छोटी सी मांग ने पूरे विद्यालय की तस्वीर बदल दी।

औचक निरीक्षण के दौरान नन्हीं छात्रा की मासूम मांग और DC का संवेदनशीलता से सुनना

उपायुक्त आदित्य रंजन 28 अक्टूबर को गोविंदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का जायजा लेने पहुंचे थे। जब वे कक्षाओं का निरीक्षण कर रहे थे और बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में संवाद स्थापित कर रहे थे, तभी एक नन्हीं छात्रा ने आगे आकर उपायुक्त से बात की। छात्रा ने बड़ी ही सरलता से आग्रह किया कि उनके स्कूल में भी कंप्यूटर की सुविधा होनी चाहिए ताकि वह और उसके सहपाठी भी तकनीकी ज्ञान सीख सकें और डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें। इसके अलावा बच्चों ने स्कूल में खेल का मैदान विकसित करने और सुरक्षा के लिए चारदीवारी (Boundary Wall) के निर्माण का अनुरोध भी रखा। डीसी आदित्य रंजन ने न सिर्फ बच्चे की बात को ध्यानपूर्वक सुना, बल्कि बच्ची की सीखने की ललक और डिजिटल सोच से बेहद प्रभावित हुए और मौके पर ही अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने का आदेश दिया।

महज 48 घंटे में पूरा हुआ वादा: 31 अक्टूबर को स्कूल पहुंचा कंप्यूटर

आम तौर पर सरकारी प्रक्रियाओं में फाइलों के निपटारे में समय लग जाता है, लेकिन IAS आदित्य रंजन की कार्यशैली अपनी त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता के लिए जानी जाती है। निरीक्षण के ठीक दो दिन बाद, यानी 31 अक्टूबर को ही गोविंदपुर के प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर में कंप्यूटर सेट पहुंचाकर इंस्टॉल करा दिया गया। जैसे ही प्रशासनिक गाड़ी से कंप्यूटर की खेप स्कूल परिसर में उतारी गई, छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों में कंप्यूटर देखने और उसे चलाने को लेकर इतना भारी उत्साह था कि पूरा स्कूल तालियों और हंसी से गूंज उठा। अब इस दूरदराज के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान और डिजिटल स्किल सीख सकेंगे।

परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने सराहा, जिले में अफसर के मॉडल की चर्चा

धनबाद डीसी की इस पहल की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों के माता-पिता ने उपायुक्त आदित्य रंजन की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की और कहा कि एक संवेदनशील अधिकारी ही बच्चों की भावनाओं और उनकी जरूरतों को इस तरह तुरंत समझ सकता है। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन पहले भी अपने नवाचारों, त्वरित फैसलों और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए काफी लोकप्रिय रहे हैं। किस्तोपुर स्कूल की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक नीयत साफ हो, तो बच्चों के भविष्य को संवारने में कोई देरी नहीं होती और एक नन्हीं सी ख्वाहिश भी पूरे स्कूल की तकदीर बदल सकती है।