जवान की पिस्टल छीनकर भाग रहा था PLFI कमांडर श्रवण दास, पुलिस की ताबड़तोड़ गोली लगते ही जमीन पर गिरा उग्रवादी
झारखंड में उग्रवाद और आतंक के खिलाफ चलाए जा रहे महाअभियान में सुरक्षा बलों को एक और बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के शीर्ष कमांडरों में शुमार और कई जघन्य वारदातों के मास्टरमाइंड श्रवण दास को पुलिस ने एक बेहद रोमांचक और खूनी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानदंडों के अनुसार, यह गिरफ्तारी सामान्य तरीके से नहीं हुई, बल्कि उग्रवादी श्रवण दास ने हिरासत से भागने के लिए सुरक्षा बल के एक जवान की सरकारी पिस्टल तक छीन ली थी। लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए जवाबी कार्रवाई की और पैर में गोली मारकर इस खूंखार कमांडर को मौके पर ही ढेर होने से बचाते हुए जिंदा दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद चकमा देने की कोशिश, जवान पर हमला कर छीनी लोडेड पिस्टल
झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग के वरिष्ठ सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जंगली और पहाड़ी इलाके की घेराबंदी कर उग्रवादी कमांडर श्रवण दास को पहले हिरासत में लिया था। पुलिस की टीम जब उसे लेकर मुख्य कैंप या थाने की तरफ बढ़ रही थी, तभी रास्ते का फायदा उठाकर बेहद शातिर उग्रवादी श्रवण दास ने पास खड़े सुरक्षाकर्मी पर अचानक हमला बोल दिया। उसने पलक झपकते ही जवान की लोडेड सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर तानते हुए घने जंगलों की तरफ भागने लगा।
पुलिस की सटीक और जवाबी फायरिंग, पैर में गोली लगते ही जमीन पर गिरा उग्रवादी
कमांडर श्रवण दास द्वारा हथियार छीनकर भागने की इस अप्रत्याशित हरकत से एक पल के लिए टीम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लेकिन झारखंड पुलिस के जांबाज अधिकारियों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। पुलिस टीम ने उग्रवादी को आत्मसमर्पण करने की कड़ी चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना और फायरिंग की कोशिश करने लगा, तब पुलिस ने आत्मरक्षार्थ सटीक निशाना साधते हुए जवाबी गोलीबारी की। पुलिस की एक गोली सीधे उग्रवादी कमांडर श्रवण दास के पैर में जा लगी। गोली लगते ही उसकी चीख निकल गई और वह हाथ से सरकारी पिस्टल छोड़कर लहूलुहान हालत में जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे तुरंत अपने नियंत्रण में ले लिया।
कई जिलों में था श्रवण दास का खौफ, लेवी और हत्या के दर्जनों मामलों में था वांटेड
गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और स्थानीय ज्योग्राफिकल इनपुट के अनुसार, गिरफ्तार पीएलएफआई कमांडर श्रवण दास झारखंड के खूंटी, गुमला, सिमडेगा और रांची के ग्रामीण इलाकों में आतंक का दूसरा नाम बन चुका था। वह स्थानीय ठेकेदारों, कोयला कारोबारियों और व्यापारियों से जबरन लेवी (रंगदारी) वसूलने और बात न मानने पर उनकी बेरहमी से हत्या करने के दर्जनों संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था। प्रयागराज और रांची की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस कमांडर के पकड़े जाने से संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है। घायल उग्रवादी को पुलिस कस्टडी में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से छीनी गई पिस्टल और उग्रवादी संगठन से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं।