देवघर में विधिक सेवा शिविर तो रांची में 35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन

देवघर में विधिक सेवा शिविर तो रांची में 35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत का झारखंड दौरा राज्य के न्यायिक और प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान सीजेआई सूर्यकांत देवघर में आयोजित एक विशाल मेगा विधिक सेवा शिविर का उद्घाटन करेंगे, वहीं राज्य की राजधानी रांची में 35 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक हाई-टेक डेटा सेंटर का लोकार्पण करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर राज्य के प्रशासनिक और न्यायिक महकमे में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देवघर से लेकर रांची तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है और इसे झारखंड में न्यायिक पारदर्शिता, डिजिटल क्रांति और आम जनता तक न्याय की आसान पहुंच की दिशा में एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

देवघर में मेगा विधिक सेवा शिविर का भव्य शुभारंभ: आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ

अपने दौरे के पहले चरण में सीजेआई सूर्यकांत धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी देवघर पहुंचेंगे। यहां राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झारखंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के तत्वावधान में एक विशाल मेगा विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचितों, गरीबों, महिलाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है। इस मेगा कैंप में विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लाभुकों के बीच सीधा वितरित किया जाएगा। देवघर में सीजेआई के आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

रांची में 35 करोड़ के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन: झारखंड न्यायपालिका होगी पूरी तरह डिजिटल

देवघर के कार्यक्रमों के समापन के पश्चात सीजेआई सूर्यकांत राजधानी रांची का रुख करेंगे। रांची में वे झारखंड उच्च न्यायालय और राज्य की अधीनस्थ अदालतों को पूरी तरह से आधुनिक व डिजिटल बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 35 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। यह डेटा सेंटर अत्याधुनिक सर्वर, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, क्लाउड स्टोरेज और उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणालियों से लैस है। इसके शुरू होने से झारखंड के सभी अदालती रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से डिजिटल प्रारूप में संग्रहीत किए जा सकेंगे। इससे न केवल मुकदमों की ऑनलाइन ट्रैकिंग आसान होगी, बल्कि ई-फाइलिंग, ई-कोर्ट सुनवाई और फैसलों की त्वरित उपलब्धता की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

ई-कोर्ट और डिजिटल न्यायशास्त्र को मिलेगी नई रफ्तार: त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम

रांची में 35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह डेटा सेंटर झारखंड में ई-गवर्नेंस और आधुनिक न्याय प्रणाली को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। झारखंड हाई कोर्ट और जिला अदालतों में लंबित मामलों के जल्द निपटारे में यह डेटा सेंटर अहम भूमिका निभाएगा। इसके चालू होने से अब वकीलों और याचिकाकर्ताओं को केस स्टेटस या डिजिटल साक्ष्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डेटा एनालिटिक्स की मदद से न्यायिक प्रक्रियाओं की गति तेज होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन होना यह साबित करता है कि न्यायपालिका अब आधुनिक तकनीक को अपनाकर आम आदमी के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध है।

सीजेआई के दौरे को लेकर झारखंड में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और न्यायिक हलकों में भारी उत्साह

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस बहुप्रतीक्षित दौरे को लेकर पूरे झारखंड के प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक हलकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। रांची और देवघर दोनों ही प्रमुख शहरों में सीजेआई के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। देवघर परिसदन और रांची उच्च न्यायालय परिसर में विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इस दौरे के दौरान झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, कई वरिष्ठ जज, मुख्यमंत्री, राज्य के प्रशासनिक अधिकारी और बार एसोसिएशन के सदस्य भी सीजेआई के साथ मंच साझा करेंगे। कानूनी जानकारों का कहना है कि एक तरफ देवघर में विधिक सेवा शिविर के माध्यम से जमीनी स्तर पर जरूरतमंदों को न्याय और अधिकार मिलेंगे, तो दूसरी तरफ रांची का डेटा सेंटर राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ बनेगा।