बादामपहाड़-पुरी नई एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन अब 4 नवंबर को
भारतीय रेलवे के नेटवर्क में कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा देश के दूर-दराज के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्रों से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। ओडिशा के मयूरभंज जिले के ऐतिहासिक बादामपहाड़ और भगवान जगन्नाथ की पावन नगरी पुरी के बीच चलाई जाने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन समारोह की तारीख में बदलाव कर दिया गया है। अब यह नई ट्रेन आगामी 4 नवंबर को पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। खास बात यह है कि इस बहुमूल्य सौगात का ऑनलाइन वर्चुअल शुभारंभ देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने करकमलों से करेंगी। राष्ट्रपति के हाथों इस ट्रेन के शुरू होने से न केवल स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह का माहौल है, बल्कि पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway) के अधिकारियों ने भी इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर शुरू कर दी हैं। बादामपहाड़ जैसे ऐतिहासिक और खनिज संपदा से परिपूर्ण क्षेत्र को सीधे पुरी से जोड़ने वाली इस रेल सेवा से पर्यटन, व्यापार और आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे।
बादामपहाड़-पुरी एक्सप्रेस ट्रेन का संशोधित शेड्यूल और उद्घाटन समारोह की रूपरेखा
रेलवे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बादामपहाड़ और पुरी के बीच शुरू होने वाली इस नई एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन समारोह पहले किसी अन्य तिथि पर होना था, लेकिन कुछ प्रशासनिक और तकनीकी कारणों के चलते अब इसे संशोधित करके 4 नवंबर तय किया गया है। राष्ट्रपति सचिवालय और रेल मंत्रालय के समन्वय से आयोजित होने वाले इस वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, ओडिशा के वरिष्ठ नेता, सांसद और रेलवे बोर्ड के उच्च अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन पर एक भव्य स्थानीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जहाँ क्षेत्र के आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और रेलवे के तमाम कर्मचारी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे। उद्घाटन के दिन यह ट्रेन बादामपहाड़ स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर पुरी के लिए रवाना की जाएगी, जिसके रास्ते में पड़ने वाले सभी प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों और स्थानीय लोगों द्वारा इस नई ट्रेन का भव्य स्वागत करने की पूरी तैयारी की जा रही है।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा: राष्ट्रपति मुर्मु का गृह जिला सीधे जुड़ेगा पुरी से
यह नई एक्सप्रेस ट्रेन इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि मयूरभंज जिला भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का गृह क्षेत्र है और इस अंचल के विकास के लिए रेलवे लगातार प्रयासरत रहा है। बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और यहाँ से नई ट्रेनों के संचालन की मांग लंबे समय से स्थानीय जनता द्वारा की जा रही थी। इस ट्रेन के शुरू होने से बादामपहाड़, रायरंगपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधे पुरी तक की यात्रा करने के लिए एक सुलभ, सुरक्षित और किफायती माध्यम मिल जाएगा। पुरी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा और दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा ओडिशा के इन भीतरी इलाकों के पर्यटकों के लिए भी यह ट्रेन वरदान साबित होगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी इस रूट पर ट्रेनों के संचालन से स्थानीय किसानों, कारीगरों और व्यापारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में आसानी होगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिकी को एक नई रफ्तार मिलेगी।
ट्रेन की समय सारणी, ठहराव और कोच कंपोजीशन की खास बातें: यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पूर्व तट रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बादामपहाड़-पुरी एक्सप्रेस ट्रेन आधुनिक एलएचबी (LHB) या आईसीएफ (ICF) रेक के साथ चलाई जाएगी, जिसमें यात्रियों के आराम और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। इस ट्रेन में एसी चेयर कार, स्लीपर और जनरल कोच की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि समाज के हर वर्ग के लोग अपनी सुविधा और बजट के अनुसार यात्रा कर सकें। यह ट्रेन बादामपहाड़ से चलकर रायरंगपुर, जाडापुर, और अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए पुरी पहुँचेगी। रेलवे ने इसके स्टॉपेज और टाइम टेबल को इस तरह से डिजाइन किया है कि यात्री कम समय में अपनी मंजिल तक पहुँच सकें। उद्घाटन के दिन से ही इसकी नियमित बुकिंग और संचालन शुरू हो जाने की संभावना है, जिसे लेकर यात्रियों में टिकट खिड़कियों पर और ऑनलाइन माध्यमों से अभी से पूछताछ बढ़ गई है।
ऐतिहासिक सौगात मिलने पर स्थानीय जनता में जश्न का माहौल, रेलवे स्टेशनों पर तैयारियां अंतिम चरण में
बादामपहाड़-पुरी एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन की पक्की खबर सामने आने के बाद से मयूरभंज और आसपास के पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उनके क्षेत्र को लगातार विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। रेलवे स्टेशन परिसरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है ताकि 4 नवंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह को एक भव्य उत्सव का रूप दिया जा सके। स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक संगठन इस ऐतिहासिक दिन पर राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करने के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं। कुल मिलाकर, बादामपहाड़ से पुरी तक की यह रेल यात्रा न केवल दो संस्कृतियों और क्षेत्रों को जोड़ेगी, बल्कि ओडिशा के रेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जोड़ेगी।