तिरंगा यात्रा में जाने पर विवाद: झारखंड में देवेंद्र नाथ महतो का गंभीर आरोप, कहा- मेरे साथ धक्का-मुक्की और साथियों को पुलिस ने पीटा

तिरंगा यात्रा में जाने पर विवाद: झारखंड में देवेंद्र नाथ महतो का गंभीर आरोप, कहा- मेरे साथ धक्का-मुक्की और साथियों को पुलिस ने पीटा

स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के उल्लास के बीच झारखंड की राजनीति से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जेएलकेएम (JLKM) के प्रमुख और विधायक देवेंद्र नाथ महतो ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि जब वे और उनके कार्यकर्ता स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित एक तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तब रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उनके साथ जमकर धक्का-मुक्की की गई और उनके कई साथियों को पुलिस बल द्वारा बेरहमी से पीटा गया। इस घटना के सामने आने के बाद से ही इलाके की राजनीतिक फिजा पूरी तरह गरमा गई है और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

तिरंगा यात्रा के दौरान अचानक कैसे बढ़ा पुलिस और नेताओं के बीच तनाव

यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब विधायक देवेंद्र नाथ महतो अपने समर्थकों के साथ निर्धारित कार्यक्रम के तहत तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक मौके पर युवा जोश और देशभक्ति के साथ बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। आरोप है कि जैसे ही यात्रा आगे बढ़ने लगी, स्थानीय पुलिस ने कानून-व्यवस्था और रूट का हवाला देते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी बात को लेकर पुलिस प्रशासन और नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक बड़े संघर्ष में तब्दील हो गई। देवेंद्र नाथ महतो का आरोप है कि पुलिस ने सत्ता के दबाव में आकर लोकतांत्रिक तरीके से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा को बाधित करने का कुत्सित प्रयास किया है।

देवेंद्र नाथ महतो का तीखा बयान, कहा- 'लोकतंत्र में स्वतंत्रता दिवस पर भी पहरा'

घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए देवेंद्र नाथ महतो बेहद गुस्से में नजर आए। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है, वहीं झारखंड में जनप्रतिनिधियों और आम जनता को तिरंगा यात्रा निकालने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और जब उनके साथियों ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इस लाठीचार्ज में उनके कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं। विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस प्रकार की तानाशाही रवैये को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे इस मामले को लेकर सदन से लेकर सड़क तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस हाई-प्रोफाइल विवाद के सामने आने के बाद झारखंड की सियासत में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों और अन्य क्षेत्रीय संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और पुलिस के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के पवित्र दिन पर एक विधायक और उसके समर्थकों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार करना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का इस पूरे मामले पर पक्ष सामने आना अभी बाकी है, लेकिन जिस तरह से यह वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, उससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति पर पैनी नजर

इस अप्रिय घटना के बाद से ही संबंधित इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। विधायक और उनके समर्थकों द्वारा पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है, जिससे आने वाले घंटों में राजनीतिक सरगर्मी और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है। स्वतंत्रता दिवस के दिन सामने आई इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच के संघर्ष को सुर्खियों में ला दिया है।

Latest Posts