दिल्ली की भीड़भाड़ से हैं परेशान? शहर के इन 5 छिपे हुए खूबसूरत और शांत ठिकानों पर बनाएं घूमने का प्लान

दिल्ली की भीड़भाड़ से हैं परेशान? शहर के इन 5 छिपे हुए खूबसूरत और शांत ठिकानों पर बनाएं घूमने का प्लान

देश की राजधानी दिल्ली का नाम सुनते ही हमारे जेहन में इंडिया गेट, लाल किला, कुतुब मीनार और चांदनी चौक की व्यस्त सड़कें, भारी ट्रैफिक और मीलों लंबी भीड़भाड़ की तस्वीरें घूमने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तेज रफ्तार और कंक्रीट के जंगल बन चुके शहर के बीचों-बीच कुछ ऐसे बेहद खूबसूरत, शांत और छिपे हुए ठिकाने (Hidden Gems) भी मौजूद हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं? यदि आप भी शहर के शोरगुल, प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी से तंग आ चुके हैं और कुछ पल सुकून, हरियाली तथा शांति के साथ बिताना चाहते हैं, तो इस वीकेंड आपको उन मशहूर और भीड़भाड़ वाली जगहों को छोड़कर इन 5 अद्भुत ऑफबीट जगहों की सैर जरूर करनी चाहिए। इतिहास, प्रकृति और वास्तुकला के अनूठे संगम वाले ये सीक्रेट स्पॉट्स आपको एक अलग ही दिल्ली की सैर कराएंगे, जहां की आबोहवा आपका मन मोह लेगी। आइए जानते हैं दिल्ली के इन पांचों छिपे हुए और खूबसूरत ठिकानों के बारे में विस्तार से।

संजय वन (Sanjay Van): वसंती हवा और हरियाली से भरपूर घना जंगल

दिल्ली के वसंत कुंज और महरौली इलाके के पास फैला 'संजय वन' शहर के बीचों-बीच एक विशाल और रहस्यमयी जंगल की तरह है, जिसके बारे में आम पर्यटकों को बहुत कम जानकारी होती है। लगभग 783 एकड़ में फैला यह घना जंगल दिल्ली के सबसे शांत और खूबसूरत प्रकृति प्रेमियों के ठिकानों में से एक है। यहां आपको तरह-तरह के पेड़-पौधे, पक्षियों की चहचहाहट और शहर के प्रदूषण से दूर बिल्कुल शुद्ध हवा मिलेगी। सुबह के वक्त यहां टहलने (Morning Walk), साइक्लिंग करने और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। इस जंगल के अंदर कई प्राचीन ऐतिहासिक खंडहर, मजारें और छोटे तालाब भी बने हुए हैं, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। अगर आप शहर के बीच रहकर भी प्रकृति की गोद में कुछ वक्त बिताना चाहते हैं, तो संजय वन आपकी पहली पसंद होना चाहिए।

सुंदर नर्सरी (Sunder Nursery): मुगकालीन विरासत और फूलों का अद्भुत खजाना

निजामुद्दीन दरगाह और हुमायूं के मकबरे के पास स्थित 'सुंदर नर्सरी' भले ही अब धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है, लेकिन इसकी खूबसूरती और शांति आज भी कई लोगों के लिए एक छिपे हुए खजाने जैसी है। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के दायरे में आने वाली यह नर्सरी लगभग 90 एकड़ में फैली हुई है, जिसे बेहद शानदार तरीके से लैंडस्केप किया गया है। यहां आपको देश-विदेश के सैकड़ों प्रजाति के पेड़, रंग-बिरंगे फूल, सुंदर फव्वारे और लेक देखने को मिलेंगी। इसके अलावा यहां कई ऐतिहासिक मुगलकालीन इमारतें और स्मारक भी मौजूद हैं, जो इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सप्ताहांत (Weekend) में परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने, धूप सेकने और शांत माहौल में किताबें पढ़ने के लिए यह दिल्ली की सबसे बेहतरीन जगहों में गिनी जाती है।

संजय झील और पार्क (Sanjay Lake and Park): पूर्वी दिल्ली का शांत वाटरफ्रंट

पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर और मयूर विहार इलाके में स्थित 'संजय झील' दिल्ली के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है जहां आपको पानी का सुकून और हरियाली एक साथ देखने को मिलती है। लगभग 69 एकड़ में फैली इस झील के चारों ओर एक बेहद खूबसूरत और हरा-भरा पार्क विकसित किया गया है, जहां सुबह और शाम के वक्त स्थानीय लोग वॉक करने आते हैं। इस झील में बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आप शांत पानी के बीच बैठकर शहर की हलचल से दूर कुछ पल सुकून से बिता सकते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां कई प्रवासी पक्षी भी आते हैं, जो बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए एक बड़ा आकर्षण होते हैं। यदि आप पूर्वी दिल्ली के आसपास रहते हैं और बिना ज्यादा दूर जाए शांति की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है।

महरौली आर्कियोजिकल पार्क (Mehrauli Archaeological Park): इतिहास और खामोशी का अनूठा संगम

कुतुब मीनार परिसर के ठीक बगल में स्थित होने के बावजूद 'महरौली आर्कियोजिकल पार्क' पर्यटकों की भीड़भाड़ से कोसों दूर एक शांत और ऐतिहासिक कोना है। लगभग 200 एकड़ में फैला यह पार्क दिल्ली का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां पिछले 1,000 वर्षों के इतिहास के अवशेष एक साथ देखने को मिलते हैं। यहां बलवान की कब्र, राजों की बाओली, मदरसा और कई खूबसूरत मस्जिदें व महल खंडहर के रूप में मौजूद हैं, जो दिल्ली के प्राचीन इतिहास की कहानी बयां करते हैं। इस पार्क के रास्ते पेड़ों से घिरे हुए और बहुत शांत हैं, जहां आप बिना किसी शोर-शराबे के इतिहास के पन्नों के बीच सुकून से टहल सकते हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी ओपन-एयर स्टूडियो से कम नहीं है।

अशोक का लघु शिलालेख और बहपुर का जंगल (Ashokan Rock Edict & Bahapur): इतिहास के पन्नों में छिपा रहस्य

दक्षिण दिल्ली के कलकाजी और ईस्ट ऑफ कैलाश के पास स्थित 'अशोक का लघु शिलालेख' दिल्ली के सबसे कम चर्चित लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। एक छोटी सी पहाड़ी की चट्टान पर खुदे मौर्य सम्राट अशोक के इस प्राचीन शिलालेख को देखने के बाद आपको प्राचीन भारतीय इतिहास से सीधे जुड़ने का अहसास होगा। इसके आसपास का इलाका और बहपुर का छोटा सा पहाड़ी और हरा-भरा क्षेत्र शहर के बीच एक शांत कोने की तरह है। यहां आकर आपको आधुनिक दिल्ली की भागदौड़ से बिल्कुल अलग एक शांत और ऐतिहासिक माहौल मिलेगा, जो आपके मन को गहरी शांति और सुकून प्रदान करेगा।

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