चांडिल डैम की प्राकृतिक खूबसूरती पर फिदा हुए सीएम हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) अपनी पारिवारिक यात्रा के दौरान सरायकेला-खरसावां जिले के प्रसिद्ध और सुरम्य चांडिल डैम पहुंचे। इस दौरे पर उनके साथ उनकी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने डैम के शांत परिवेश, चारों तरफ फैली हरी-भरी पहाड़ियों और इसकी विहंगम प्राकृतिक सुंदरता का गहराई से आनंद लिया। चांडिल डैम की सुंदरता और इसकी भौगोलिक स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे वैश्विक और विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र (Global Tourism Hub) के रूप में विकसित करने की बात कही। अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस और पर्यावरण-अनुकूल (Sustainble) ब्लूप्रिंट तैयार किया जाए, जिससे राज्य के पर्यटन मानचित्र पर चांडिल डैम को एक नई पहचान मिल सके।
#1. चांडिल डैम की मुख्य खूबियां: क्यों सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है यह स्थल
स्वर्णरेखा नदी पर बना चांडिल डैम अपनी अद्वितीय भौगोलिक बनावट और नैसर्गिक छटा के लिए पूरे झारखंड और आसपास के राज्यों में मशहूर है। इस डैम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके चारों तरफ दलमा वन्यजीव अभयारण्य की पहाड़ियां और घना जंगल है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। सर्दियों और छुट्टियों के मौसम में यहां हजारों की संख्या में सैलानी पिकनिक मनाने और बोटिंग का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। इसके शांत और प्रदूषणमुक्त वातावरण में पर्यटकों को मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, डैम के डूब क्षेत्र के भीतर स्थित सुवर्णरेखा परियोजना का इतिहास और यहां का डूब चुका प्राचीन मंदिर भी पर्यटकों के आकर्षण का एक बड़ा केंद्र रहता है, जो पानी का जलस्तर कम होने पर अपनी अद्भुत वास्तुकला की झलक दिखाता है।
#1. सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन का दौरा: पर्यटन विकास पर रहा विशेष जोर
अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ही नहीं लिया, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को चांडिल डैम के बहुआयामी विकास का खाका खींचने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में पर्यटकों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं, उत्कृष्ट नौकायन (बोटिंग) के साधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यटन के क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों से पर्यावरण को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल को अपनाते हुए सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यहां आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
#1. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा इको-टूरिज्म का प्लान
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किसी भी पर्यटन स्थल के विकास का सबसे बड़ा लाभ वहां के स्थानीय निवासियों और युवाओं को मिलना चाहिए। चांडिल डैम को एक ग्लोबल टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने से होटल इंडस्ट्री, होमस्टे, लोकल ट्रांसपोर्ट, गाइड सर्विस और पारंपरिक हस्तशिल्प के व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा। जब यहां आधुनिक इको-टूरिज्म गतिविधियां शुरू होंगी, तो ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बड़े पैमाने पर सृजित होंगे। सरकार की इस दूरदर्शी सोच से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी वैश्विक स्तर पर प्रमोट होगी।
#1. जिला प्रशासन को मिला निर्देश, जल्द तैयार होगा नया मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। डैम परिसर और उसके आसपास के रास्तों को और अधिक सुगम बनाने के लिए जिला उपायुक्त और संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में चांडिल डैम के सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचनाओं के विकास पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन के इस औचक दौरे और चांडिल डैम के प्रति दिखाई गई गहरी रुचि से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन क्षेत्रों को संवारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।