कार पाने की सनक में नाबालिग बेटे ने रची ऐसी खतरनाक साजिश

कार पाने की सनक में नाबालिग बेटे ने रची ऐसी खतरनाक साजिश

आज की आधुनिक जीवनशैली और सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चों के मन में भौतिक सुख-सुविधाओं और महंगी चीजों को पाने की जिद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकती है, इसका एक जीता-जागता और हैरान कर देने वाला उदाहरण हाल ही में सामने आया है। भौतिक चकाचौंध और अपनी मनपसंद कार पाने की लालसा में एक नाबालिग बेटे ने अपने ही परिवार के साथ एक ऐसा खौफनाक और शातिर खेल खेला कि पूरे पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। बेटे ने खुद अपने ही अपहरण का नाटक रच डाला और अपने ही पिता के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से मैसेज भेजकर पांच लाख रुपये की फिरौती की डिमांड कर डाली। अचानक सामने आए इस फिरौती के मैसेज से परिवार में कोहराम मच गया और आनन-फानन में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, उत्तर प्रदेश या संबंधित जिले की स्थानीय पुलिस और सर्विलांस टीम ने अपनी असाधारण तत्परता का परिचय देते हुए मात्र 4 घंटे के भीतर इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रम और फर्जी अपहरण कांड का ऐसा पर्दाफाश किया कि हर कोई हैरान रह गया।

#1. कार पाने की जिद और अपहरण का खौफनाक नाटक: कैसे रची गई पूरी साजिश?

शुरुआती पुलिस जांच और खुलासे के अनुसार, आरोपी नाबालिग लड़का पिछले काफी समय से अपने माता-पिता से एक लग्जरी कार दिलाने की जिद कर रहा था। उसके दोस्त या आसपास के माहौल में कारों का क्रेज देखकर वह किसी भी कीमत पर खुद की एक कार चाहता था। जब परिजनों ने उसकी इस महंगी और असमय की मांग को पूरा करने से साफ इनकार कर दिया, तो उसने खुद ही अपने अपहरण की झूठी पटकथा लिख डाली। योजना के तहत वह घर से चुपचाप निकला और एक सुनसान जगह पर छिपकर अपने ही पिता के फोन पर मैसेज भेज दिया कि तुम्हारे बेटे को अगवा कर लिया गया है और यदि उसे जिंदा देखना चाहते हो तो तुरंत पांच लाख रुपये का इंतजाम करो। इस मैसेज को देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे बुरी तरह डर गए।

#1. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस टीम का कमाल: मात्र 4 घंटे में खुला राज

जैसे ही पीड़ित पिता ने थाने पहुंचकर अपने बेटे के अपहरण और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई, स्थानीय पुलिस ने बिना एक पल गंवाए इसे सबसे संवेदनशील मामला मानते हुए एक्शन शुरू कर दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम और साइबर सेल तथा सर्विलांस विंग को एक्टिव कर दिया गया। पुलिस ने जब उस नंबर और लोकेशन की तकनीकी जांच (Technical Surveillance) शुरू की जहां से मैसेज भेजा गया था, तो मामला कुछ और ही इशारा करने लगा। पुलिस टीमों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कॉल डिटेल्स निकालीं। महज चार घंटे के भीतर पुलिस उस संदिग्ध लोकेशन तक जा पहुंची जहां वह नाबालिग लड़का आराम से बैठकर अपने इस नाटक के अंजाम का इंतजार कर रहा था।

#1. जब सच सामने आया तो परिवार और पुलिस दोनों के उड़ गए होश

पुलिस ने जब बताए गए ठिकाने पर छापा मारा और लड़के को सकुशल बरामद किया, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी चौंक गए। जिसे किडनैपर समझकर पुलिस तलाश रही थी, वह कोई और नहीं बल्कि खुद वही नासमझ बेटा निकला जिसने अपने ही घर में भूचाल ला दिया था। पुलिस जब उसे थाने लेकर आई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि उसे हर हाल में एक कार चाहिए थी और जब घर वाले पैसे नहीं दे रहे थे, तो उसने फिल्मों और इंटरनेट से आइडिया लेकर यह फर्जी अपहरण का नाटक रचा था। इस खुलासे के बाद जहां एक तरफ पुलिस ने चैन की सांस ली, वहीं दूसरी तरफ माता-पिता अपने ही बेटे की इस करतूत को देखकर सन्न रह गए।

#1. अभिभावकों और युवाओं के लिए एक बड़ा सबक: बच्चों की बदलती मानसिक स्थिति पर रखें नजर

इस सनसनीखेज घटना ने समाज के सामने एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी और बच्चों के भीतर भौतिक सुख-सुविधाओं को लेकर किस कदर दीवानगी बढ़ती जा रही है। मनोचिकित्सकों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि बच्चों की हर जायज और नाजायज जिद को पूरा करने के बजाय उन्हें रिश्तों की अहमियत और मेहनत का मूल्य सिखाना बेहद जरूरी है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद स्थापित करें और उनकी हरकतों पर पैनी नजर रखें ताकि वे किसी गलत रास्ते पर न भटक सकें। पुलिस ने इस मामले में नाबालिग को उचित परामर्श (Counseling) देकर भविष्य में ऐसी हरकत न करने की हिदायत देते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, लेकिन यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।