मानसून की विदा के बीच झारखंड में फिर पलटा मौसम का मिजाज

मानसून की विदा के बीच झारखंड में फिर पलटा मौसम का मिजाज

देशभर से मानसून की विदाई का अंतिम दौर चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद मौसम का मिजाज बार-बार बदलकर आम जनजीवन और किसानों की चिंता को बढ़ा रहा है। झारखंड के ऊपर एक बार फिर मौसम ने करवट ली है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में अचानक काले बादलों का डेरा डल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के करीब 14 जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की चेतावनी जारी की है। खास तौर पर राजधानी रांची, धनबाद, बोकारो और आसपास के इलाकों में अचानक बदले इस मौसम के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से तो हल्की राहत मिली है, लेकिन खेतों में पकी खड़ी फसलों को लेकर किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। आइए जानते हैं कि झारखंड के किन-किन जिलों पर अगले कुछ दिनों तक यह मौसमी संकट मंडरा रहा है और मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान क्या कह रहा है।

Jharkhand Weather Forecast: मानसून की वापसी के दौरान अचानक क्यों सक्रिय हुआ सिस्टम, जानिए मौसम वैज्ञानिकों की राय

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की रेखाएं आगे बढ़ चुकी हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्रों और चक्रवातीय हवाओं के प्रभाव के कारण देश के पूर्वी हिस्सों में मौसमी गतिविधियां अचानक फिर से सक्रिय हो जाती हैं। झारखंड में भी पिछले कुछ दिनों से चटख धूप खिलने के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। अचानक बने इस नए मौसमी सिस्टम की वजह से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिसके फलस्वरूप आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश मानसूनी विदाई के अंतिम चरण की बौछारें हैं, जो कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार रूप भी ले सकती हैं।

Ranchi and Dhanbad Rain Alert: राजधानी रांची और धनबाद समेत इन 14 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी

मौसम केंद्र रांची की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले कुछ घंटों के दौरान झारखंड के लगभग 14 जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह खराब रहने की आशंका जताई गई है। इस लिस्ट में राजधानी रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा के अलावा कुछ दक्षिणी और पश्चिमी जिले जैसे सिंहभूम और गुमला-खूंटी के इलाके भी शामिल हैं। इन जिलों में न केवल हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है, बल्कि कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने और साथ ही बादलों के गरजने के साथ वज्रपात (Lightning) यानी आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

Farmers Anxiety and Precaution: खेतों में तैयार फसल पर मंडराया संकट, मौसम विभाग की आम जनता को खास सलाह

झारखंड के ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्रों में इस बेमौसम बारिश और आंधी के अलर्ट ने किसानों की नींद उड़ा दी है। इस समय राज्य के कई हिस्सों में धान और अन्य खरीफ की फसलें पकने के कगार पर हैं या कटाई के चरण में हैं। ऐसे समय में तेज हवा और भारी बारिश होने से खेतों में फसल के गिरने और पानी भरने से सड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि यदि उनकी फसल कटकर तैयार है, तो उसे सुरक्षित स्थानों या गोदामों में तुरंत पहुंचा दें। इसके अलावा, मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम और वज्रपात की संभावना के दौरान लोग पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों, खुले खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों या आश्रयों के भीतर ही रहें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।