Jharkhand: चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश हादसे से ठीक पहले क्या हुआ था? AAIB की रिपोर्ट में पायलट की उस बड़ी गलती का खुलासा
News India Live, Digital Desk: झारखंड के चतरा में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट (AAIB Report) सामने आ गई है। इस रिपोर्ट ने उन आखिरी पलों की डरावनी तस्वीर पेश की है, जब विमान हवा में लड़खड़ाया और फिर अचानक खामोश हो गया। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के विशेषज्ञों ने ब्लैक बॉक्स और उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण के बाद बताया है कि यह हादसा तकनीकी खराबी से ज्यादा पायलट के एक गलत फैसले या 'डेविएशन' (मार्ग से भटकना) का नतीजा था।
रास्ते से भटका और फिर मच गई चीख-पुकार
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर एंबुलेंस ने अपनी तय ऊंचाई और दिशा में उड़ान भरी थी, लेकिन लैंडिंग से कुछ मिनट पहले पायलट ने अचानक निर्धारित रूट से विचलन (Deviation) किया। एटीसी (ATC) के साथ हुई आखिरी बातचीत में पायलट ने किसी भी तकनीकी खराबी का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, रडार डेटा से पता चलता है कि विमान अपनी सामान्य ऊंचाई से अचानक नीचे आने लगा और देखते ही देखते उसका संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया।
हादसे के 3 प्रमुख कारण: AAIB की नजर में
जांच दल ने हादसे के पीछे तीन संभावित कारणों की ओर इशारा किया है:
लैंडिंग का गलत अनुमान: खराब विजिबिलिटी या घने बादलों के बीच पायलट ने रनवे का गलत अंदाजा लगाया, जिससे विमान पेड़ों या ऊंची पहाड़ियों की चपेट में आ गया।
सडन साइलेंस (अचानक खामोशी): इंजन फेल्योर या फ्यूल लीक जैसी स्थिति में भी विमान कुछ देर तक रेडियो पर संपर्क बनाए रख सकता था, लेकिन अचानक चुप्पी यह बताती है कि विमान में कोई बड़ा विस्फोट या ढांचागत विफलता हुई थी।
मानवीय चूक: रिपोर्ट में इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या पायलट दबाव में था या उसने लैंडिंग के लिए किसी शॉर्टकट का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी।
एयर एंबुलेंस सेवाओं पर उठे सवाल
इस हादसे ने देश में चल रही प्राइवेट एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा और उनके पुराने पड़ चुके बेड़ों (Fleets) पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। चतरा के जिस इलाके में यह क्रैश हुआ, वह भौगोलिक रूप से काफी दुर्गम है। AAIB अब इस बात की भी विस्तृत जांच कर रहा है कि क्या विमान का मेंटेनेंस रिकॉर्ड सही था और क्या पायलट को ऐसे इलाकों में उड़ान भरने का पर्याप्त अनुभव था।
पीड़ित परिवारों को न्याय का इंतजार
हादसे में जान गंवाने वाले मरीज और मेडिकल स्टाफ के परिजनों ने सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डीजीसीए (DGCA) ने भी इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विमानन कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक उस विशेष श्रेणी के विमानों की उड़ान पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।