Jharkhand Train News : त्योहारों से पहले रेलवे पर लगा ब्रेक, कुड़मी आंदोलन के चलते 54 ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान

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News India Live, Digital Desk: त्योहारों का मौसम सिर पर है और लाखों लोग दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के लिए अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन झारखंड, बंगाल और ओडिशा में चल रहे एक बड़े आंदोलन ने इन लाखों लोगों की योजनाओं पर पानी फेर दिया है. कुड़मी समाज के 'रेल रोको' आंदोलन की वजह से भारतीय रेलवे की पटरियां जाम हो गई हैं, जिससे अब तक 54 ट्रेनें पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं.

क्यों हो रहा है आंदोलन?

कुड़मी समाज के लोग खुद को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'रेल रोको' आंदोलन का रास्ता अपनाया है. आंदोलनकारी पिछले कई दिनों से रांची रेल मंडल के मूरी स्टेशन और आद्रा मंडल के नीमडीह स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर ही जमे हुए हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है.

यात्रियों पर पड़ रहा है सीधा असर

इस आंदोलन का सबसे बड़ा खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. त्योहारों के लिए महीनों पहले बुक कराई गई कन्फर्म टिकटें अब किसी काम की नहीं रहीं.

  • 54 ट्रेनें पूरी तरह रद्द: अब तक 54 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है.
  • 37 ट्रेनों का बदला रूट: वहीं, 37 ट्रेनों को उनके तय रास्ते से न ले जाकर, घुमाकर दूसरे लंबे रास्तों से चलाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में घंटों की देरी हो रही है.

हजारों यात्री टाटानगर, रांची, बोकारो और मूरी जैसे स्टेशनों पर फंसे हुए हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अब अपने घर कैसे पहुंचेंगे. प्राइवेट बसों और टैक्सियों ने भी मौके का फायदा उठाकर किराया कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे लोगों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है.

रेलवे को अरबों का नुकसान

यह आंदोलन सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि रेलवे के लिए भी एक बड़ा सिरदर्द बन गया है. ट्रेनों के रद्द होने और रूट बदलने से रेलवे को अब तक अरबों रुपये का भारी-भरकम नुकसान हो चुका है.

रेलवे प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और यात्रियों को अपडेट दे रहे हैं. लेकिन जब तक प्रदर्शनकारी पटरियों से नहीं हटते, तब तक यह समस्या सुलझती नहीं दिख रही. ऐसे में लाखों लोगों के त्योहार का मज़ा इस बार किरकिरा हो सकता है.