Jharkhand Train Accident : साहिबगंज-पाकुड़में बड़ा रेल हादसा ट्रेन की चपेट में आने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत

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News India Live, Digital Desk : झारखंड के पाकुड़ (Pakur) जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बुधवार (25 फरवरी 2026) की सुबह साहिबगंज-पाकुड़ रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे या काम के लिए पटरियों के पास मौजूद थे।

हादसे का विवरण (Incident Details)

स्थान: यह दुर्घटना पाकुड़ और साहिबगंज के बीच स्थित कोटालपोखर-बरहरवा रेलखंड के पास हुई।

समय: घटना सुबह करीब 8:00 से 9:00 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब घना कोहरा और कम दृश्यता (Low Visibility) होने की संभावना थी।

मृतकों की पहचान: मृतकों की पहचान स्थानीय मजदूरों के रूप में हुई है, जो काम की तलाश में या दैनिक मजदूरी के लिए घर से निकले थे। पुलिस अभी उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

कैसे हुआ हादसा: चश्मदीदों के अनुसार, मजदूर तेज रफ्तार ट्रेन की आहट नहीं सुन सके। कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी एक ट्रेन के गुजरने के बाद वे दूसरी पटरी पर आए, जहां से दूसरी ट्रेन (संभवतः मालगाड़ी या एक्सप्रेस) गुजर रही थी।

रेलवे और पुलिस की कार्रवाई

शवों की बरामदगी: राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और पाकुड़ जिला पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पटरियों से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए पाकुड़ सदर अस्पताल भेज दिया है।

जांच के आदेश: रेलवे अधिकारियों ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं कि क्या वहां कोई सुरक्षा चूक थी या मजदूर किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में काम कर रहे थे।

ट्रेन आवाजाही: हादसे के बाद कुछ समय के लिए अप और डाउन ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, लेकिन जल्द ही परिचालन सामान्य कर दिया गया।

बढ़ते हादसों पर सवाल

साहिबगंज-पाकुड़ रेलखंड पर अक्सर लोग पटरियों के किनारे चलते या बिना 'ओवरब्रिज' के ट्रैक पार करते देखे जाते हैं।

कोहरे का कहर: सर्दियों के अंत में होने वाले कोहरे के कारण अक्सर चालक और पैदल चलने वालों को स्पष्ट नहीं दिखता, जो ऐसे हादसों का कारण बनता है।

सुरक्षा की कमी: स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पटरियों के किनारे उचित फेंसिंग या सुरक्षा चेतावनी की कमी है।