गम्हरिया-चांडिल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन की सौगात कई स्टेशनों को मिलेगा नया लिंक, टाटा-रांची सफर होगा आसान
News India Live, Digital Desk : झारखंड के रेल यात्रियों और माल ढुलाई के क्षेत्र में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। गम्हरिया से चांडिल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन (3rd & 4th Railway Line) बिछाने की योजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। यह परियोजना न केवल टाटा (जमशेदपुर) और रांची के बीच की दूरी को 'कवर' करने के तरीके को बदलेगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
दूरी और कनेक्टिविटी: यह नई रेल लाइन गम्हरिया से चांडिल के बीच लगभग 20-25 किलोमीटर के दायरे को कवर करेगी।
प्रमुख स्टेशन: इस परियोजना के तहत गम्हरिया, कांड्रा, और चांडिल जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
बोटलनेक (रुकावट) का खात्मा: वर्तमान में टाटा-नगर से चांडिल की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेनों की 'लेट-लतीफी' खत्म होगी।
आम जनता और उद्योगों को क्या होगा फायदा?
टाटा-रांची रेल मार्ग: इस ट्रैक के विस्तार से जमशेदपुर से रांची और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों की गति बढ़ेगी। भविष्य में इस रूट पर और अधिक मेमू (MEMU) और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
कांड्रा स्टेशन का महत्व: कांड्रा एक महत्वपूर्ण जंक्शन है जहां से ट्रेनें सरायकेला और चाईबासा की ओर भी मुड़ती हैं। नई लाइनों के जुड़ने से यहां ट्रेनों का क्रॉसिंग समय कम हो जाएगा।
माल ढुलाई में तेजी: आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले माल (स्टील और कोयला) को देश के अन्य हिस्सों में भेजने में आसानी होगी। इससे रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
वर्तमान स्थिति और आगामी योजना
सर्वे और टेंडर: रिपोर्ट के अनुसार, इस रेलखंड के लिए आवश्यक तकनीकी सर्वे पूरा कर लिया गया है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
आधुनिकीकरण: नई लाइनों के साथ-साथ अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है ताकि स्थानीय लोगों को पटरी पार करने में असुविधा न हो।