झारखंड बजट 2026 में बड़ा ऐलान 1 साल में बनेंगे 4.44 लाख नए घर, जानें 5 किस्तों का पूरा गणित
News India Live, Digital Desk : झारखंड सरकार ने अपने 'अबुआ दिशोम बजट 2026-27' में ग्रामीण विकास को नई ऊंचाई देने के लिए अबुआ आवास योजना (AAY) के तहत एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने घोषणा की है कि अगले एक वित्तीय वर्ष के भीतर राज्य में 4,44,257 नए आवासों का निर्माण कराया जाएगा।
बजट 2026 की मुख्य बातें (Major Highlights)
नया लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 4.44 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान दिया जाएगा।
कुल सहायता: प्रत्येक लाभार्थी को 3 कमरों का पक्का मकान बनाने के लिए ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किस्तों में बदलाव: पहले यह राशि 4 किस्तों में दी जाती थी, लेकिन नए अपडेट के अनुसार अब इसे 5 किस्तों (5 Installments) में लाभार्थियों के बैंक खाते (DBT) में भेजा जाएगा।
अतिरिक्त लाभ: घर के साथ-साथ मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी (लगभग ₹25,000) और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 अलग से दिए जाते हैं।
अबुआ आवास की 5 किस्तों का संभावित ढांचा (Installment Breakdown)
योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किस्तों का वितरण निर्माण के विभिन्न चरणों के आधार पर किया जाता है:
| किस्त संख्या | निर्माण का चरण (Stage of Construction) | उद्देश्य |
|---|---|---|
| पहली किस्त | पंजीकरण और स्वीकृति के तुरंत बाद | नींव (Foundation) भरने के लिए |
| दूसरी किस्त | प्लिंथ लेवल (Plinth Level) तक निर्माण होने पर | दीवारों के निर्माण के लिए |
| तीसरी किस्त | लिंटेल लेवल (Lintel Level) तक पहुंचने पर | छत ढलाई की तैयारी के लिए |
| चौथी किस्त | छत ढलाई (Roof Casting) पूरी होने पर | प्लास्टर और फिनिशिंग के लिए |
| पांचवीं किस्त | निर्माण पूर्ण (Completion) और गृह प्रवेश | खिड़की, दरवाजे और अंतिम साज-सज्जा के लिए |
किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility Criteria)
जो परिवार वर्तमान में कच्चे मकानों या झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं।
जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ नहीं मिल सका है।
निराश्रित, बेघर या प्राकृतिक आपदा के शिकार परिवार।
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) और बंधुआ मजदूरी से रिहा हुए लोग।
प्रगति रिपोर्ट: अब तक का हाल
विधानसभा के बजट सत्र में दी गई जानकारी के अनुसार:
अब तक कुल 8 लाख घरों का लक्ष्य निर्धारित है (मार्च 2026 तक)।
लगभग 1.64 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित ₹3000 करोड़ में से ₹1200 करोड़ पहले ही जिलों को जारी किए जा चुके हैं।