Jharkhand Tension : हजारीबाग में तनाव, नीलांबर-पीतांबर की मूर्ति तोड़ी, भड़के लोगों ने सड़क किया जाम

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के हजारीबाग जिले में उस वक्त तनाव का माहौल पैदा हो गया जब असामाजिक तत्वों ने स्वतंत्रता सेनानी और शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा को खंडित कर दिया. यह घटना कटकमसांडी थाना क्षेत्र के हेसाकुदर गांव की है. सुबह जब ग्रामीणों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त हालत में देखा तो उनका गुस्सा भड़क उठा और वे सड़क पर उतर आए.

क्या है पूरा मामला?

हेसाकुदर गांव में अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर की एक प्रतिमा स्थापित है, जो स्थानीय लोगों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है. बुधवार की रात किसी समय, अज्ञात शरारती तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर उसे नुकसान पहुंचाया. गुरुवार सुबह जब लोगों की नजर टूटी हुई प्रतिमा पर पड़ी तो यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई.

इस घटना से आदिवासी और भोक्ता समाज के लोग बुरी तरह आक्रोशित हो गए. उनका कहना था कि यह सिर्फ एक मूर्ति का अपमान नहीं, बल्कि उनके महापुरुषों और उनकी अस्मिता पर सीधा हमला है.

सड़क पर उतरे लोग, घंटों रहा जाम

घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और उन्होंने हजारीबाग-चतरा मुख्य मार्ग (NH-100) को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारी तुरंत आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. वे खंडित प्रतिमा की जगह पर एक नई और भव्य प्रतिमा स्थापित करने और उस जगह का सौंदर्यीकरण करने की भी मांग कर रहे थे.

सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी ने नाराज लोगों को समझाने-बुझाने की काफी कोशिश की. उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा और ग्रामीणों की मांगों पर विचार किया जाएगा. प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया जा सका.

कौन थे नीलांबर-पीतांबर?

नीलांबर और पीतांबर दो भाई थे, जो 1857 की क्रांति के महानायक थे. उन्होंने पलामू क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता का बिगुल फूंका था और आदिवासी समुदाय को एकजुट कर अंग्रेजों से लोहा लिया था. उन्हें झारखंड में भगवान का दर्जा दिया जाता है. उनकी प्रतिमा का अपमान लोगों की भावनाओं को भड़काने वाला है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और माहौल को शांत करने की कोशिश कर रही है.