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March 19 2026 09:59 pm

Jharkhand Tender Scam : टेंडर घोटाले में ED का बड़ा प्रहार 14 इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास विभाग में फैले भ्रष्टाचार के जाल को काटते हुए ईडी ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में नई चार्जशीट दाखिल की। इस कार्रवाई के बाद अब इस पूरे घोटाले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। जांच में सामने आया है कि विभाग में टेंडर आवंटन के लिए एक सुनियोजित 'कमीशन रैकेट' काम कर रहा था।

ED की चार्जशीट में शामिल 14 नए नाम (New Accused):

ईडी ने जिन 14 अधिकारियों को नया आरोपी बनाया है, उनमें मुख्य अभियंता से लेकर सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल हैं:

सिंगराय टूटी: पूर्व मुख्य अभियंता

राजीव लोचन: पूर्व मुख्य अभियंता

सुरेंद्र कुमार: पूर्व मुख्य अभियंता

प्रमोद कुमार: पूर्व मुख्य अभियंता

कार्यपालक अभियंता (EE): संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राजकुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार।

सेवानिवृत्त अधिकारी: अनिल कुमार (पूर्व मुख्य अभियंता)।

अन्य: सहायक अभियंता राम पुकार राम और रमेश।

जांच में हुए 3 चौंकाने वाले खुलासे (Key Findings):

3% फिक्स कमीशन का खेल: ईडी के अनुसार, विभाग में 3048 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित किए गए थे। प्रत्येक टेंडर के बदले ठेकेदारों से कुल मूल्य का 3% कमीशन अनिवार्य रूप से वसूला जाता था।

कमीशन का बँटवारा: यह रिश्वत की रकम ऊपर से नीचे तक एक निश्चित अनुपात में बँटती थी:

1.35%: तत्कालीन मंत्री (आलमगीर आलम) के लिए।

0.65% से 1%: विभागीय सचिव के लिए।

बाकी हिस्सा: मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच।

90 करोड़ की काली कमाई: अब तक की जांच में 90 करोड़ रुपये से अधिक की 'प्रोसिड्स ऑफ क्राइम' (Proceeds of Crime) स्थापित हो चुकी है। ईडी अब तक 44 करोड़ की अचल संपत्ति और करीब 38 करोड़ रुपये नकद जब्त कर चुकी है।

अब तक की बड़ी कार्रवाई (Investigation Timeline):

52 जगहों पर छापेमारी: झारखंड, दिल्ली और बिहार में अब तक 52 ठिकानों पर रेड की जा चुकी है।

संजीव लाल का कनेक्शन: मंत्री के निजी सचिव संजीव कुमार लाल के ठिकाने से अकेले 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे।

मुख्य किरदारों की गिरफ्तारी: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीए संजीव लाल और मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम पहले से ही जेल में हैं।