Jharkhand Ration Card : झारखंड में 10,000 राशन कार्ड होंगे रद्द सरकार ने शुरू की अपात्रों की छंटनी

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News India Live, Digital Desk : झारखंड सरकार ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। साहिबगंज जिले सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 10,000 अपात्र राशन कार्ड धारकों के नाम सूची से हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग का कहना है कि ये लोग संपन्न होने के बावजूद गरीबों का हक मार रहे थे। अब ऐसे लोगों के कार्ड निरस्त कर उनकी जगह वेटिंग लिस्ट में शामिल योग्य परिवारों को नए कार्ड जारी किए जाएंगे।

किन लोगों के राशन कार्ड किए जाएंगे रद्द?

सरकार ने कुछ मानक (Criteria) तय किए हैं, जिनके आधार पर अपात्रों की पहचान की जा रही है:

आयकर दाता: परिवार का कोई भी सदस्य यदि इनकम टैक्स भरता है।

चार पहिया वाहन: परिवार के पास कोई कार, ट्रैक्टर या अन्य चार पहिया वाहन हो।

सरकारी नौकरी: परिवार का कोई सदस्य सरकारी या अर्द्ध-सरकारी नौकरी में हो।

पक्का मकान: शहर में 1000 वर्ग फीट या उससे अधिक का पक्का मकान होने पर।

कृषि उपकरण: पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या भारी कृषि मशीनरी होना।

व्यवसाय: जिनका वार्षिक टर्नओवर सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक है।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई?

खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हजारों पात्र परिवार 'वेटिंग लिस्ट' में हैं, जिन्हें कोटा फुल होने के कारण राशन कार्ड नहीं मिल पा रहा है।

रिकवरी की चेतावनी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अपात्र लोग खुद से कार्ड सरेंडर नहीं करते हैं और जांच में पकड़े जाते हैं, तो उनसे अब तक लिए गए राशन की बाजार दर पर वसूली (Recovery) की जाएगी। [1.4, 2.3]

पेंशन और राशन का लिंक: अब आधार के जरिए डेटा क्रॉस-चेक किया जा रहा है ताकि एक ही व्यक्ति दो जगह लाभ न ले सके।

नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं? (How to Apply)

यदि आप पात्र हैं और आपका नाम वेटिंग लिस्ट में है, तो कार्ड खाली होते ही आपको प्राथमिकता दी जाएगी।

ई-कल्याण पोर्टल: झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।

जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और परिवार के सदस्यों की फोटो।

सत्यापन: आपके आवेदन के बाद ब्लॉक स्तर के अधिकारी (BDO) या आपूर्ति निरीक्षक आपके घर का भौतिक सत्यापन करेंगे।

झारखंड सरकार का 'ग्रीन राशन कार्ड' (Green Ration Card)

जिन लोगों का नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में नहीं आ पा रहा है, उन्हें राज्य सरकार अपनी योजना के तहत ग्रीन राशन कार्ड दे रही है। इसमें भी उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो वास्तव में गरीब हैं।

कार्ड का प्रकारलक्षित वर्गलाभ
PH/Antyodayaअत्यंत गरीब / बीपीएल5 किलो अनाज प्रति व्यक्ति (न्यूनतम दर)
Green Cardराज्य के गरीब परिवार5 किलो अनाज (₹1 प्रति किलो)