Jharkhand High Court : पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के परिवार को तगड़ा झटका मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब चलेगा ट्रायल करोड़ों के हेरफेर का है आरोप

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News India Live, Digital Desk : झारखंड हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के परिजनों को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस आर. मुखोपाध्याय की अदालत ने बुधवार (25 फरवरी 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी पूर्व मंत्री के पुत्र सूर्य सोनल सिंह, पुत्री अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह की क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज शिकायत केस को रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर नामंजूर कर दिया।

क्या है पूरा मामला? (The Money Trail)

यह मामला पूर्व मंत्री कमलेश सिंह और उनकी पत्नी मधु सिंह से जुड़े ₹5.83 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले से संबंधित है।

ED का आरोप: जांच एजेंसी का कहना है कि कमलेश सिंह द्वारा अर्जित 'ब्लैक मनी' को सफेद करने के लिए उनके परिजनों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

83 लाख का खेल: ईडी की जांच में पाया गया कि एक ही दिन में करीब ₹83 लाख की राशि चार अलग-अलग बैंक खातों से घुमाते हुए वापस कमलेश सिंह के खाते में पहुँचाई गई।

फर्जीवाड़ा: आरोप है कि परिजनों ने केवल करीबी रिश्तेदार होने के नाते नहीं, बल्कि जानबूझकर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध संपत्ति को छिपाने में मदद की।

कोर्ट में क्या हुई दलीलें?

बचाव पक्ष: याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का सीधा मामला नहीं बनता और उन्हें केवल पूर्व मंत्री का रिश्तेदार होने के कारण फंसाया गया है। [1.4, 4.1]

ED का पक्ष: जांच एजेंसी ने कोर्ट को 'मनी ट्रेल' की पूरी मैपिंग दिखाई और साबित किया कि पैसों का रोटेशन कैसे हुआ। कोर्ट ने इन दलीलों को सही मानते हुए ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया। [1.2, 4.2]

मुश्किल में पूर्व मंत्री का कुनबा

इस फैसले के बाद अब कमलेश सिंह के साथ-साथ उनके बेटे, बेटी और दामाद को भी विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट (Special MP/MLA Court) में मुकदमे का सामना करना होगा।

आरोपीरिश्तामुख्य आरोप
कमलेश सिंहपूर्व मंत्री₹5.83 करोड़ की अवैध संपत्ति का अर्जन
मधु सिंहपत्नीमनी लॉन्ड्रिंग में सह-आरोपी
सूर्य सोनल सिंहबेटा₹83 लाख की राशि को खातों में घुमाना
अंकिता/नरेंद्रबेटी/दामादअवैध ट्रांजेक्शन में भागीदारी