Jharkhand Air Ambulance Crash : 39 साल पुराना था वह उड़ता ताबूत झारखंड एयर एम्बुलेंस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
News India Live, Digital Desk: झारखंड में हाल ही में हुए एयर एम्बुलेंस हादसे ने नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) और सुरक्षा ऑडिट पर बड़ी बहस छेड़ दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान 39 साल पुराना था। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी अधिक उम्र के विमानों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए करना जोखिम भरा हो सकता है।
1. विमान का इतिहास और तकनीकी स्थिति
हादसे का शिकार हुआ विमान 1980 के दशक के मध्य का निर्मित था।
विमान की उम्र: लगभग 39 वर्ष।
रखरखाव पर सवाल: क्या इतने पुराने विमान का इंजन और एयरफ्रेम 'मेडिकल इवैक्युएशन' के उच्च दबाव को सहने के लिए उपयुक्त था?
तकनीकी खराबी: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान के इंजन में खराबी आने की बात कही जा रही है।
2. क्या कहती है DGCA की गाइडलाइन्स?
भारत में विमानों की उम्र को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन चार्टर्ड और निजी विमानों के मामले में अक्सर पुराने विमानों का संचालन जारी रहता है।
एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट: किसी भी विमान को उड़ाने के लिए एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट जरूरी है। सवाल यह है कि 39 साल पुराने विमान को यह क्लीयरेंस कैसे और किन शर्तों पर मिला?
सुरक्षा ऑडिट: डीजीसीए अब इस ऑपरेटर के अन्य विमानों के लॉगबुक और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
3. हादसे के वक्त की स्थिति
यह एयर एम्बुलेंस एक मरीज को रांची से दिल्ली (या अन्य बड़े केंद्र) ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।
क्रैश लैंडिंग: तकनीकी समस्या के बाद पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन विमान नियंत्रण से बाहर हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से मलबे से लोगों को निकाला गया। इस हादसे में पायलट और मेडिकल स्टाफ की स्थिति को लेकर जांच जारी है।
4. विशेषज्ञों की राय: उम्र या रखरखाव?
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि विमान की केवल 'उम्र' मायने नहीं रखती, बल्कि उसका 'रखरखाव' (Maintenance) सबसे अहम है।
मेटल फटीग (Metal Fatigue): पुराने विमानों में धातु की कमजोरी एक बड़ी समस्या होती है।
आधुनिक नेविगेशन: पुराने विमानों में अक्सर आधुनिक नेविगेशन और संचार प्रणालियों की कमी होती है, जो आपात स्थिति में पायलट की मदद कर सके।
भविष्य की चिंता: क्या बंद होंगे पुराने विमान?
इस हादसे के बाद झारखंड सरकार और उड्डयन मंत्रालय पुराने विमानों के व्यावसायिक उपयोग पर नए प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकते हैं। विशेष रूप से एयर एम्बुलेंस सेवाओं के लिए विमानों की अधिकतम आयु सीमा तय करने की मांग उठ रही है।