Income Tax Raid : अलवर में Greenlam Industries पर आयकर विभाग का छापा, करोड़ों की टैक्स चोरी का शक
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र अलवर में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। देश की दिग्गज लैमिनेट निर्माता कंपनी ग्रीनलैम इंडस्ट्रीज के ठिकानों पर विभाग की टीमों ने एक साथ दस्तक दी है। बुधवार देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई गुरुवार (26 फरवरी 2026) को भी जारी है। आयकर विभाग के अधिकारी कंपनी के ऑफिस, फैक्ट्री और उससे जुड़े प्रमोटरों के परिसरों पर दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
1. 50 से अधिक अधिकारियों की टीम, चप्पे-चप्पे पर नजर
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा (Investigation Wing) के करीब 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस छापेमारी में शामिल हैं।
सुरक्षा घेरा: छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर न जा सके और न ही कोई दस्तावेज बाहर ले जाया जा सके।
डिजिटल सबूत: विभाग ने कंपनी के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर से डेटा बैकअप लिया है ताकि संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता लगाया जा सके।
2. क्यों हुई छापेमारी? (Key Reasons)
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ग्रीनलैम इंडस्ट्रीज पर निम्नलिखित कारणों से कार्रवाई की गई है:
बोगस बिलिंग: फर्जी फर्मों के जरिए लेन-देन दिखाकर खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का संदेह।
कैश ट्रांजेक्शन: जमीन की खरीद-बिक्री और कच्चे माल के सौदों में बड़े पैमाने पर नकद (Cash) के इस्तेमाल की शिकायत।
घोषित आय में अंतर: कंपनी द्वारा दिखाए गए टर्नओवर और वास्तविक मुनाफे में भारी विसंगति के संकेत।
3. ग्रीनलैम इंडस्ट्रीज का प्रोफाइल
ग्रीनलैम इंडस्ट्रीज भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लैमिनेट और डेकोरेटिव विनीयर की बड़ी प्लेयर है।
मार्केट वैल्यू: यह कंपनी शेयर बाजार में भी लिस्टेड है और इसके उत्पाद दुनिया के कई देशों में निर्यात होते हैं।
प्रभाव: अलवर में इसकी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जहाँ हजारों लोग काम करते हैं। इस कार्रवाई का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।
4. आगे क्या होगा?
आयकर विभाग की यह कार्रवाई अगले 2-3 दिनों तक चलने की संभावना है।
जब्ती: यदि विभाग को बेनामी संपत्ति या अघोषित आय के प्रमाण मिलते हैं, तो भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लॉकर की तलाश: अधिकारियों की एक टीम प्रमोटरों के बैंक लॉकरों को भी खंगालने की तैयारी में है।