झारखंड वालों की लॉटरी लग गई, 2026 में बनने जा रहे हैं 10 नए कॉरिडोर, अब सफर होगा बिजली जैसा तेज़

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News India Live, Digital Desk  :  अगर आप अक्सर रांची, जमशेदपुर, धनबाद या हजारीबाग की सड़कों पर ट्रैफिक और घंटों की देरी से परेशान रहते हैं, तो अब मुस्कुराने का वक्त आ गया है। साल 2026 हमारे राज्य झारखंड के लिए सड़कों के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। सरकार और NHAI ने मिलकर झारखंड के नक्शे को बदलने के लिए 10 बड़े कॉरिडोर (10 Road Corridors in Jharkhand) बनाने का जो प्लान तैयार किया है, उसकी चर्चा अब हर तरफ है।

अक्सर हमें लगता था कि अच्छे एक्सप्रेस-वे और कॉरिडोर सिर्फ दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों की किस्मत में हैं, लेकिन अब 2026 तक झारखंड का अपना 'स्पीड नेटवर्क' तैयार होने वाला है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि ये 10 कॉरिडोर आपके जीवन को कैसे बदल देंगे।

क्या हैं ये 10 कॉरिडोर और इनसे क्या फायदा होगा?

ये कॉरिडोर सिर्फ़ तारकोल और गिट्टी की सड़कें नहीं हैं। इनमें से कुछ इकोनॉमिक कॉरिडोर होंगे, कुछ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और कुछ सीधे पर्यटन स्थलों यानी टूरिस्ट स्पॉट को जोड़ेंगे।

  1. सफर में समय की भारी बचत: उदाहरण के तौर पर, अगर आज आपको रांची से साहिबगंज या चतरा से बोकारो जाने में पूरा दिन लग जाता है, तो ये नए कॉरिडोर इस वक्त को आधा कर देंगे।
  2. बिजनेस और व्यापार में तेजी: जब सड़कें अच्छी होंगी, तो हमारे झारखंड की माइन्स (खदानों) और फैक्ट्रियों का सामान कम समय में बंदरगाहों (Ports) और बड़े शहरों तक पहुँचेगा। इससे व्यापारियों की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।
  3. प्रॉपर्टी के दाम: इतिहास गवाह है, जहाँ भी कॉरिडोर या बड़े एक्सप्रेस-वे निकले हैं, वहां की जमीन और मकानों के दाम कई गुना बढ़ गए हैं।

कनेक्टिविटी का नया दौर

इन 10 कॉरिडोर के जरिए झारखंड के हर प्रमुख जिले को आपस में मज़बूती से जोड़ने की कोशिश है। रांची के आसपास बन रहे 'रिंग रोड' से लेकर इंडस्ट्रियल इलाकों को जोड़ने वाली चार और छह लेन की सड़कें 2026 तक धरातल पर दिखने लगेंगी। इससे न केवल प्राइवेट गाड़ियों को बल्कि भारी मालवाहक ट्रक (Truckers) और बसों को भी सुरक्षित रास्ता मिलेगा।

2026 ही क्यों?

रेलवे और सड़क मंत्रालय का मानना है कि 2026 तक अधिकांश बड़े पुल, ओवरब्रिज और भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र की 'भारतमाला परियोजना' और राज्य की विकास योजनाओं के तालमेल ने इस सपने को हकीकत बनाने के करीब ला खड़ा किया है।

चलते-चलते...

विकास की ये लहर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगी। कॉरिडोर से सटे हुए छोटे गांवों में भी बिजली, इंटरनेट और बेहतर बाजार की पहुँच आसान हो जाएगी। आने वाला कल हमारे युवाओं के लिए और भी बेहतरीन होने वाला है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा मतलब होता है 'बेहतर रोजगार'।

क्या आपके शहर या घर के पास से भी कोई नया कॉरिडोर निकलने वाला है? अपनी राय और सुझाव हमें जरूर बताएं, क्योंकि यह सड़क सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी है!