Jharkhand Naxal : 21 नक्सलियों के मारे जाने के बाद अब किसकी बारी? सुरक्षाबलों के निशाने पर है ये एक नाम
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के कांकेर में 21 नक्सलियों के मारे जाने की बड़ी खबर के बाद, अब झारखंड के जंगलों में हलचल तेज हो गई है। ऐसा लग रहा है मानो सुरक्षाबलों ने अब ठान लिया है कि इस समस्या को जड़ से खत्म करना है। और इसी कड़ी में, अब उनका पूरा ध्यान और निशाना एक ही नाम पर आकर टिक गया है - मिसिर बेसरा।
कौन है ये मिसिर बेसरा?
मिसिर बेसरा कोई छोटा-मोटा नक्सली नहीं है। वो इस इलाके में माओवाद का सबसे बड़ा चेहरा और 'थिंक टैंक' माना जाता है। सरकार ने उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम रखा हुआ है, जो बताता है कि वो कितना खतरनाक और महत्वपूर्ण है। उम्र भले ही ढल रही हो, लेकिन उसका दिमाग आज भी सबसे तेज़ चलता है। वही है जो जंगलों में छिपकर हमलों की योजना बनाता है और संगठन को जिंदा रखे हुए है।
झारखंड का कोल्हान-सारंडा का घना जंगल, जिसे नक्सलियों का सबसे मजबूत किला माना जाता है, वही मिसिर बेसरा और उसके दस्ते का ठिकाना है।
घेरा अब तंग हो रहा है
कांकेर की घटना के बाद सुरक्षाबलों का आत्मविश्वास आसमान पर है। अब वे कोई ढील देने के मूड में नहीं हैं। कोल्हान-सारंडा के जंगलों में एक बहुत बड़ा ऑपरेशन छेड़ दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है और मिसिर बेसरा की घेराबंदी को लगातार तंग किया जा रहा है। पुलिस को मिल रही ख़ुफ़िया जानकारियों के आधार पर लगातार तलाशी अभियान चल रहे हैं।
सुरक्षाबलों के लिए मिसिर बेसरा को पकड़ना सिर्फ एक नक्सली को पकड़ना नहीं, बल्कि इस इलाके से नक्सलवाद की कमर तोड़ने जैसा है। वो उस संगठन का वो आखिरी बड़ा खंभा है, जिसके गिरने से पूरा ढाँचा ढह सकता है। अब यह लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है, और सबकी नज़रें सारंडा के घने जंगलों पर टिकी हैं, जहाँ यह आखिरी बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है।