Jharkhand Mukti Morcha : झारखंड के बाद अब JMM की नजर बिहार पर, INDIA गठबंधन से मांगेंगे सीटें
News India Live, Digital Desk: झारखंड में अपनी सत्ता मजबूत करने के बाद अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है.पार्टी की नजर अब पड़ोसी राज्य बिहार पर है, जहां वह आगामी विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है. जेएमएम ने साफ कर दिया है कि वह बिहार में INDIA गठबंधन का हिस्सा बनकर ही चुनाव लड़ेगी और गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे में अपने लिए सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग करेगी.
कहां है JMM की नजर?
जेएमएम की रणनीति बिल्कुल साफ है. पार्टी का मुख्य फोकस बिहार के उन इलाकों पर है जो झारखंड की सीमा से लगते हैं और जहां आदिवासी और संथाली वोटरों की अच्छी खासी संख्या है. इसमें जमुई, बांका, कटिहार और पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं यह इलाके झारखंड के संथाल परगना से सटे हुए हैं, जो जेएमएम का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता ਹੈ. पार्टी का मानना है कि इन क्षेत्रों में उनकी विचारधारा और पकड़ का फायदा उन्हें चुनावी मैदान में मिल सकता हैं
हेमंत सोरेन होंगे स्टार प्रचारक
पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि बिहार में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी जाएगी. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के सबसे बड़े चेहरे हेमंत सोरेन खुद बिहार में प्रचार की कमान संभालेंगे. उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाकर पार्टी आदिवासी और मूलवासी वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश करेगी.
क्या है पार्टी का लक्ष्य?
जेएमएम सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि जीतने के इरादे से मैदान में उतरना चाहती है. पार्टी का लक्ष्य है कि बिहार विधानसभा में उनके भी विधायक मौजूद हों, ताकि वह राज्य की राजनीति में अपनी एक मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकें. फिलहाल, पार्टी को INDIA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है. जेएमएम का कहना है कि वे गठबंधन के नेताओं के सामने अपना दावा मजबूती से रखेंगे.
जेएमएम के इस कदम से बिहार की राजनीति, खासकर सीमावर्ती इलाकों में, और भी दिलचस्प होने की संभावना है. अब देखना यह है कि INDIA गठबंधन के बड़े दल, खासकर आरजेडी और कांग्रेस, जेएमएम की इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं.