Jharkhand Liquor Scam: शराब घोटाले में विनय सिंह को मिली बेल सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को फटकार जानबूझकर फंसाया गया मामला

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News India Live, Digital Desk : झारखंड के कथित शराब घोटाले में आरोपी विनय सिंह के लिए राहत की खबर दिल्ली से आई है। सुप्रीम कोर्ट ने विनय सिंह की जमानत याचिका मंजूर करते हुए झारखंड पुलिस को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस ने इस मामले में 'जानबूझकर' आरोपी को उलझाने की कोशिश की है। इस फैसले के बाद राज्य की सियासत और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: पुलिस पर उठे सवाल

न्यायमूर्ति की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा पेश किए गए तथ्यों और जांच के तरीके पर असंतोष जताया:

दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई: कोर्ट ने संकेत दिया कि विनय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी और पुलिस ने प्रक्रिया का दुरुपयोग किया।

तथ्यों की कमी: अदालत ने पाया कि आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके।

पुलिस को चेतावनी: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को बिना किसी ठोस आधार के कानूनी प्रक्रिया में जानबूझकर घसीटना स्वीकार्य नहीं है।

क्या है झारखंड शराब घोटाला मामला?

झारखंड में शराब के वितरण और राजस्व संग्रह में अनियमितताओं को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ था।

राजस्व का नुकसान: आरोप था कि नई उत्पाद नीति के तहत सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया गया।

सिंडिकेट का खेल: जांच एजेंसियों का दावा था कि कुछ खास लोगों और कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव किए गए।

गिरफ्तारी: इसी कड़ी में विनय सिंह को मुख्य कड़ियों में से एक मानते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

विनय सिंह के लिए बेल के मायने

विनय सिंह को जमानत मिलना जांच एजेंसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी मामले के ट्रायल (Trial) के दौरान बचाव पक्ष को मजबूती प्रदान करेगी। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह जांच में पेशेवर रवैया अपनाए न कि किसी के दबाव में काम करे।