झारखंड में कोयला माफिया पर ED का सर्जिकल स्ट्राइक 100 करोड़ की संपत्ति जब्त, सफेदपोशों में मचा हड़कंप
News India Live, Digital Desk: झारखंड के धनबाद, हजारीबाग और चतरा जैसे कोयला समृद्ध क्षेत्रों में फैले 'ब्लैक डायमंड' के अवैध कारोबार पर ईडी ने अपना शिकंजा कस दिया है। कोयले की अवैध निकासी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही एजेंसी ने छापेमारी के बाद बड़ी कामयाबी हासिल की है। जब्त की गई संपत्तियों में आलीशान बंगले, जमीन के दस्तावेज और भारी मात्रा में बैंक बैलेंस शामिल हैं।
ED की कार्रवाई के मुख्य बिंदु: क्या-क्या हुआ जब्त?
प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई ने कोयला तस्करी से जुड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है:
करोड़ों की अचल संपत्ति: 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीनों और इमारतों को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जब्त किया गया है।
बैंक खातों पर वार: कई संदिग्धों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन पाया गया।
शेल कंपनियों का खुलासा: जांच में पता चला है कि कोयले की चोरी से कमाए गए पैसे को सफेद करने के लिए कई फर्जी (Shell) कंपनियां बनाई गई थीं।
कैसे चलता था 'कोयला चोरी' का यह खेल?
जांच एजेंसी के अनुसार, यह महज छोटी-मोटी चोरी नहीं बल्कि एक संगठित अपराध था:
अवैध माइनिंग: बंद पड़ी खदानों और सरकारी लीज वाले क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकाला जाता था।
फर्जी चालान: चोरी के कोयले को वैध दिखाने के लिए फर्जी कंपनियों के नाम पर जाली ई-चालान और पेपर तैयार किए जाते थे।
सिंडिकेट की जड़ें: इस खेल में कुछ स्थानीय रसूखदार नेताओं, व्यापारियों और अधिकारियों की मिलीभगत होने की भी आशंका जताई गई है।
अवैध माइनिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
झारखंड में पिछले कुछ महीनों से ईडी लगातार सक्रिय है। साहिबगंज के पत्थर खनन घोटाले के बाद अब कोयला क्षेत्र में इस 100 करोड़ की कुर्की ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और अवैध उत्खनन पर सरकार और एजेंसियां सख्त हैं।