Jharkhand Land Registry : झारखंड में जमीन की खरीद-बिक्री अब होगी और आसान, शुरू हुई SIR सर्विस
News India Live, Digital Desk: Jharkhand Land Registry : झारखंड में जमीन या प्रॉपर्टी खरीदना अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आसान होने वाला है। राज्य सरकार ने 'स्टैंप एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी रजिस्ट्री' (SIR) नाम की एक नई ऑनलाइन सर्विस शुरू की है। इस सर्विस का मकसद जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और लोगों को धोखाधड़ी से बचाना है।
अब आपको किसी जमीन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आप घर बैठे सिर्फ एक क्लिक से यह पता लगा सकते हैं कि जिस जमीन को आप खरीदने जा रहे हैं, वह सही है या नहीं।
क्या है ये SIR सर्विस और कैसे काम करती है?
SIR एक ऑनलाइन पोर्टल है, जहां झारखंड की सभी रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी का डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद होगा। इस पोर्टल की मदद से कोई भी व्यक्ति किसी खास जमीन के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकता है, जैसे:
- जमीन का असली मालिक कौन है?
- क्या उस जमीन पर कोई लोन (बंधक) तो नहीं चल रहा है?
- क्या उस प्रॉपर्टी को लेकर कोर्ट में कोई केस या विवाद चल रहा है?
- उस जमीन को पहले कब-कब और किसे-किसे बेचा गया है?
यह सारी जानकारी मिलने से खरीदार यह फैसला ले पाएगा कि वह प्रॉपर्टी खरीदने लायक है या नहीं, जिससे भविष्य में होने वाले किसी भी कानूनी पचड़े से बचा जा सकता है।
SIR सर्विस का लाभ उठाने के लिए कौन से कागजात जरूरी होंगे?
इस ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए आपको जमीन से जुड़े कुछ बुनियादी दस्तावेजों की जानकारी होनी चाहिए। आप इन डिटेल्स के आधार पर जमीन को सर्च कर सकते हैं:
- खाता संख्या और खेसरा संख्या: यह जमीन की पहचान के लिए सबसे महत्वपूर्ण नंबर होते हैं।
- मौजा (गांव) का नाम: आपको पता होना चाहिए कि जमीन किस मौजा या गांव में आती है।
- मालिक का नाम: आप जमीन के मौजूदा मालिक के नाम से भी सर्च कर सकते हैं।
- डीड (Deed) नंबर: अगर आपके पास जमीन के पुराने किसी रजिस्टर्ड कागजात का डीड नंबर है, तो उससे भी जानकारी निकाली जा सकती है।
इस सुविधा के शुरू हो जाने से राज्य में जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और लोगों का समय बचाने में भी मददगार साबित होगा।