Jharkhand High Alert : झारखंड के चतरा में भारी तनाव 5 गांवों में 15 फरवरी तक धारा 163 लागू
News India Live, Digital Desk: झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने क्षेत्र के 5 गांवों में धारा 163 (जो पहले धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 15 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
1. किन 5 गांवों में लागू हुई पाबंदी?
प्रशासन ने प्रतापपुर प्रखंड के निम्नलिखित संवेदनशील क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की है:
प्रतापपुर
सिद्धि
घोरी
हरहा
बभने
2. धारा 163 लागू करने की मुख्य वजह (The Reason)
जानकारी के अनुसार, इन गांवों में जमीन विवाद और धार्मिक स्थल से जुड़े एक पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
हिंसा की आशंका: इंटेलिजेंस रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि असामाजिक तत्व इस विवाद का फायदा उठाकर शांति भंग कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर नजर: प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ लोग भड़काऊ मैसेज फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
3. क्या हैं नई पाबंदियां? (Key Restrictions)
15 फरवरी तक इन गांवों के निवासियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
| पाबंदी | विवरण |
|---|---|
| समूह में एकत्र होना | 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ जमा होने पर पूर्ण प्रतिबंध। |
| हथियार और प्रदर्शन | किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा या धारदार हथियार लेकर चलने पर रोक। |
| लाउडस्पीकर और भड़काऊ भाषण | बिना अनुमति के सभा, जुलूस या लाउडस्पीकर का उपयोग वर्जित। |
| सोशल मीडिया निगरानी | भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों पर साइबर सेल की सीधी नजर। |
4. प्रशासन की तैयारी
चतरा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक (SP) ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।
फ्लैग मार्च: संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है ताकि लोगों के बीच सुरक्षा का भाव बना रहे।
छापेमारी: संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कुछ लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है।
शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रतापपुर पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति धारा 163 का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।