झारखंड सरकार ने खोला खज़ाना 7721 करोड़ का बजट पेश, महिलाओं और बच्चों पर बरसेगा सबसे ज्यादा पैसा
News India Live, Digital Desk : रांची में ठंड बढ़ गई है, लेकिन विधानसभा के अंदर का माहौल एकदम गर्म है। शीतकालीन सत्र (Winter Session) चल रहा है और इस बीच हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विधानसभा में दूसरा अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया है।
आंकड़ा छोटा-मोटा नहीं है, दोस्तों। पूरे 7,721 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह "अनुपूरक बजट" क्या होता है? और इसका फायदा आपको या आपके परिवार को कैसे मिलेगा?
आइये, बिल्कुल आसान और देसी भाषा में समझते हैं।
क्या होता है अनुपूरक बजट?
मान लीजिये, पिताजी ने घर के खर्च के लिए महीने के शुरू में 10 हजार रुपये दिए थे। लेकिन महीने के बीच में ही त्यौहार आ गया या कोई जरूरी काम पड़ गया और पैसे कम पड़ गए। तो आप दोबारा पैसे मांगते हैं न? बस, सरकार का भी यही हाल है।
साल के मुख्य बजट के बाद, जब सरकार को योजनाओं (Schemes) को चलाने के लिए और पैसों की जरूरत होती है, तो वो अनुपूरक बजट लाती है।
किसकी जेब में जाएगा पैसा?
वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उंव ने सदन में जो पोटली खोली है, उससे सबसे ज्यादा खुशी महिलाओं को होने वाली है।
- महिला और बाल विकास: इस बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को दिया गया है। करीब 2,500 करोड़ से ज्यादा (अनुमानित) राशि इसी विभाग को मिली है।
- जानकार मान रहे हैं कि सरकार की लोकप्रिय योजना 'मईयां सम्मान योजना' (जिसमें महिलाओं को आर्थिक मदद मिलती है) के लिए यह फंड बहुत जरूरी था। सरकार नहीं चाहती कि पैसे की कमी से बहनों के खाते में पैसा रुक जाए।
- गांव और ऊर्जा: इसके अलावा, ग्रामीण विकास और ऊर्जा विभाग (बिजली) के लिए भी अच्छी खासी रकम तय की गई है। मतलब, गांव की सड़कें और बिजली की व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
सदन में हुआ हंगामा
विपक्ष (बीजेपी) ने इस पर खूब शोर शराबा किया। उनका कहना था कि पुराने पैसे का हिसाब तो दिया नहीं, और नए पैसे मांग लिए। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर सरकार चुप क्यों है? हंगामे के बीच यह बजट पटल पर रखा गया।
आम जनता के लिए मतलब
सीधी बात यह है कि सरकार की प्राथमिकता 'वेलफेयर' यानी लोगों को सीधा लाभ पहुँचाना है। 7721 करोड़ का बजट बताता है कि सरकार 'मईयां सम्मान' जैसी योजनाओं को किसी भी हाल में बंद नहीं होने देगी, बल्कि उसे और मजबूत करेगी। अगर आपके घर में भी लाभार्थी हैं, तो यह आपके लिए राहत की खबर है।
अब देखना होगा कि विपक्ष के विरोध के बीच इस बजट पर आगे क्या चर्चा होती है